मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्यहित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन निर्णयों में ग्रामीण परिवहन सुविधा, तकनीकी शिक्षा के विस्तार, किसानों को प्रोत्साहन और बी.एड. धारक सहायक शिक्षकों के पुनर्समायोजन जैसे विषय शामिल हैं।
1. मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सुविधा योजना का शुभारंभ
राज्य के सुदूरवर्ती अनुसूचित और ग्रामीण क्षेत्रों में यात्री परिवहन की सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से “मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सुविधा योजना” प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। योजना के अंतर्गत 18 से 42 सीटों वाले हल्के व मध्यम मोटरयान को अनुज्ञा पत्र और संचालन संबंधी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
योजना के लाभ स्थानीय निवासियों को मिलेंगे, जिनमें अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिलाएं और नक्सल प्रभावित व्यक्ति प्राथमिकता में होंगे। वाहन स्वामियों को तीन वर्षों तक मासिक कर में पूरी छूट दी जाएगी।
राज्य शासन द्वारा संचालित वाहनों को प्रथम वर्ष 26 रु., द्वितीय वर्ष 24 रु. और तृतीय वर्ष 22 रु. प्रति किमी की दर से विशेष वित्तीय सहायता दी जाएगी। दृष्टिहीन, बौद्धिक दिव्यांग, दोनों पैरों से अक्षम, 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक और एड्स पीड़ित व्यक्तियों को एक परिचारक के साथ पूर्ण किराया छूट तथा नक्सल प्रभावितों को अर्ध किराया की सुविधा प्राप्त होगी।
2. नवा रायपुर में NIELIT की स्थापना
तकनीकी शिक्षा को सशक्त बनाने हेतु नवा रायपुर अटल नगर में राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) की स्थापना के लिए संस्थान को 10.023 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने का निर्णय लिया गया है।
इस केन्द्र की स्थापना से छत्तीसगढ़ में तकनीकी शिक्षा, डिजिटल कौशल और आईटी क्षेत्र में नए अवसरों का सृजन होगा तथा राज्य राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षा मानचित्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा।
3. कृषक उन्नति योजना में संशोधन
राज्य सरकार ने रेगहा, बटाई, लीज और डुबान क्षेत्र में खेती करने वाले किसानों को “कृषक उन्नति योजना” का लाभ देने हेतु दिशा-निर्देशों में संशोधन किया है। अब खरीफ मौसम में सहकारी समितियों और राज्य बीज निगम के माध्यम से धान या धान बीज विक्रय करने वाले ऐसे सभी किसानों को आदान सहायता प्रदान की जाएगी।
4. बी.एड. अर्हताधारी सहायक शिक्षकों का समायोजन
मंत्रिपरिषद ने सेवा समाप्त किए गए 2621 बी.एड. अर्हताधारी सहायक शिक्षकों को सहायक शिक्षक (विज्ञान प्रयोगशाला) के पद पर समायोजित करने का निर्णय लिया है। यह समायोजन राज्य के रिक्त 4,422 गैर-विज्ञापित पदों पर किया जाएगा।
कला/विज्ञान संकाय से 12वीं उत्तीर्ण शिक्षकों को विज्ञान अर्हता पूर्ण करने हेतु तीन वर्ष का समय और विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। अन्य पिछड़ा वर्ग के 355 शेष अभ्यर्थियों के लिए सांख्येत्तर पदों का सृजन किया जाएगा।
समायोजन की प्रक्रिया में अनुसूचित क्षेत्रों के जिलों को प्राथमिकता दी जाएगी, इसके बाद सीमावर्ती और अन्य जिलों में पदस्थापन किया जाएगा।
मंत्रिपरिषद के ये निर्णय राज्य के ग्रामीण, तकनीकी, शैक्षणिक और कृषक समुदायों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सशक्त पहल हैं, जो छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर और समावेशी विकास की ओर अग्रसर करेंगे।