ऑनलाइन ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें राजधानी रायपुर के गोलबाजार क्षेत्र निवासी 36 वर्षीय प्रतीक खण्डाईतमेहर से होटल बुकिंग टास्क के नाम पर 11 लाख 22 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई। यह धोखा प्रतीक को टेलीग्राम पर ‘ज्योति’ नाम की महिला द्वारा ‘आसान कमाई’ के लालच में फंसाकर दिया गया।
पीड़ित प्रतीक ने गोलबाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ऐसे हुआ फ्रॉड
प्रतीक के मुताबिक, 11 जनवरी 2025 को एक अज्ञात नंबर से ‘ज्योति’ नाम की महिला ने उन्हें कॉल कर EaseMyTrip कंपनी की ओर से होटल व फ्लाइट बुकिंग के ऑनलाइन टास्क देकर रोजाना 500 से 1000 रुपये कमाने का ऑफर दिया। इसके बाद प्रतीक को टेलीग्राम पर ‘Aiswarya N’ नामक एक HR से जोड़ा गया, जिसने eazytrip.shop/booking नामक लिंक पर रजिस्ट्रेशन करवाया।
रजिस्ट्रेशन के लिए प्रतीक ने अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल (p.kmehar@gmail.com) और बैंक डिटेल्स साझा कीं। फिर उन्हें ‘Easemytrip Online Customer Service’ नामक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया, जहां उन्हें होटल और फ्लाइट रिव्यू टास्क दिए जाने लगे।
शुरुआत में भरोसा, फिर लाखों की चपत
14 जनवरी को जब प्रतीक ने 16 टास्क पूरे कर 779 रुपये कमाए, तो उन्हें स्कीम असली लगी। मगर फिर 15 से 20 जनवरी के बीच उन्हें विभिन्न टास्क के लिए बार-बार पैसे जमा करने को कहा गया। उन्होंने भगवती लाल जाट, गौरव नायक, धग्गा राम, अरबाज खान, सपना भार्वा और निर्मल टाक जैसे खातों में कुल 11,22,382 रुपये जमा कर दिए।
उन्हें 120% बोनस और डेढ़ गुना लाभ का लालच दिया गया, लेकिन टास्क पूरे होने के बाद भी कोई रिटर्न नहीं मिला। उल्टा, उनसे और 8 लाख व 4 लाख रुपये जमा करने का दबाव डाला गया। जब प्रतीक ने इनकार किया, तो उन्हें धमकियां दी गईं।
मानसिक तनाव में प्रतीक, अब न्याय की मांग
23 जनवरी 2025 को प्रतीक ने साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत की और फिर 29 अप्रैल 2025 को गोलबाजार थाने में लिखित आवेदन दिया। प्रतीक ने बताया कि उन्होंने यह रकम परिवार, व्यापारियों और पर्सनल लोन के ज़रिए जुटाई थी और अब वे गहरे मानसिक तनाव में हैं।
उन्होंने ठगों से रकम की वापसी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। गोलबाजार थाना प्रभारी ने बताया कि टेलीग्राम ग्रुप और संदिग्ध बैंक खातों की जांच जारी है, और साइबर क्राइम सेल की मदद से आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास तेज़ किए गए हैं।