दृष्टि एवं श्रवण बाधित बच्चों के लिए शिक्षा का रास्ता हुआ और आसान
छत्तीसगढ़ के विशेष बच्चों के जीवन में आज उम्मीद की एक नई किरण जगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायपुर स्थित अपने निवास परिसर से दृष्टि एवं श्रवण बाधित विद्यार्थियों के लिए दो विशेष रूप से तैयार बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये बसें अब रायपुर और बिलासपुर स्थित शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत डे-स्कॉलर बच्चों को प्रतिदिन निःशुल्क, सुरक्षित और सम्मानजनक यात्रा की सुविधा प्रदान करेंगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर को केवल एक परिवहन सुविधा की शुरुआत नहीं, बल्कि “विशेष बच्चों के आत्मविश्वास, शिक्षा की निरंतरता और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की दिशा में उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम” बताया।
उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि हर दिव्यांग बच्चे तक आवश्यक सेवाएं पहुँचें और कोई भी बच्चा अपनी शारीरिक चुनौतियों के कारण शिक्षा से वंचित न हो। “हर बच्चा हमारे लिए महत्वपूर्ण है, और उनका सपना हमारा दायित्व।”
इस सेवा से न केवल बच्चों को लाभ होगा, बल्कि उन माता-पिता को भी राहत मिलेगी जो अपने बच्चों की सुरक्षा और आवागमन को लेकर चिंतित रहते हैं—विशेष रूप से जब दोनों अभिभावक कार्यरत हों।
समाज में समावेशिता की दिशा में मजबूत पहल
इस पहल से रायपुर और बिलासपुर के सैकड़ों दृष्टि एवं श्रवण बाधित बच्चों को सुलभ, सुरक्षित और गरिमामयी यात्रा का अवसर मिलेगा। अब ये बच्चे भी हर दिन आत्मविश्वास के साथ स्कूल पहुँच सकेंगे और समाज की मुख्यधारा से सहजता से जुड़ सकेंगे।
उल्लेखनीय उपस्थिति इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक श्री भूलन सिंह मरावी एवं समाज कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे। सभी ने इस कदम को “समाज की संवेदनशीलता का प्रतीक” बताया।