छत्तीसगढ़ पुलिस की साइबर सेल को ‘मिशन साइबर सुरक्षा’ के तहत बड़ी सफलता मिली है। एक अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह की मास्टरमाइंड महिला ठग सानिया प्रसन्न शाह (28) को गुजरात के अहमदाबाद एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। उसे 1 मई को पकड़ा गया और आज, 3 मई को राजनांदगांव न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
ठगी का जाल: नकली कंपनियों और फर्जी नौकरियों के नाम पर करोड़ों की ठगी
सानिया और उसके गिरोह ने SHADI.COM, ADONI One ग्रुप, CISCO, COSTCOP, HSBC जैसी नामी कंपनियों के नाम पर नकली निवेश योजनाएं और ऑनलाइन टास्क जॉब्स के झांसे में भारतभर के लोगों से लगभग 10 करोड़ रुपये की ठगी की। गिरफ्तार महिला के पास से एक महंगा Apple मोबाइल भी जब्त किया गया है, जिससे गिरोह के डिजिटल अपराधों के सबूत मिलने की उम्मीद है।
ऐसे दिया गया ठगी को अंजाम
गिरोह अहमदाबाद में स्कैम सेंटर चला रहा था, जहां से सोशल मीडिया और फोन कॉल्स के माध्यम से लोगों को निशाना बनाया जाता था। पीड़ितों को आसान निवेश या नौकरी के झांसे में फंसाया जाता और उनसे पैसे ऐंठे जाते। ठगी से प्राप्त राशि को क्रिप्टोकरेंसी USDT के माध्यम से विदेशी साइबर ठगों तक भेजा जाता था ताकि ट्रेसिंग मुश्किल हो।
पहले से पकड़े जा चुके हैं गिरोह के 5 सदस्य
इस गिरोह के पांच अन्य सदस्यों — श्रेणिक कुमार सांघवी, शुभम तिवारी, दीपक नरेडी, रोहित महेश कुमार वीरवानी और अल्केष कुमार प्रेमजी भाई मांगे — को पहले ही महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार किया जा चुका है।
जांच की शुरुआत: एक स्थानीय शिकायत से खुला पूरा मामला
इस पूरे गिरोह की जांच की शुरुआत 23 जनवरी 2025 को हुई, जब लखोली, राजनांदगांव निवासी रूपेश साहू ने सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। उन्होंने बताया कि 22 दिसंबर 2024 को उनके बैंक खाते में एक संदिग्ध व्यक्ति, आशुतोष शर्मा द्वारा 90,000 रुपये ट्रांसफर किए गए, जिसके कारण उनका खाता फ्रीज हो गया। पुलिस ने IPC की धाराओं के तहत अपराध क्रमांक 33/25 दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस टीम की तेज कार्रवाई
सानिया की गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाई सिटी कोतवाली से निरीक्षक योगेश कुमार पटेल और साइबर सेल से प्रधान आरक्षक बसंत राव, प्रख्यात जैन और महिला आरक्षक पार्वती कंवर की टीम ने। अहमदाबाद एयरपोर्ट पर हुए इस ऑपरेशन को साइबर सेल के निरीक्षक विनय पम्मार ने लीड किया।