प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत बलौदाबाजार-भाटापारा जिले ने एक बार फिर अपनी स्वास्थ्य सेवाओं की उत्कृष्टता का परिचय देते हुए राज्य स्तरीय सम्मान प्राप्त किया है। जिले को 100 दिवसीय निक्षय निरामय अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदान किया गया, जिसमें स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया और आयुक्त सह-संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला की गरिमामयी उपस्थिति रही।
जिले की ओर से यह सम्मान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. राजेश कुमार अवस्थी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की समर्पित टीम ने ग्रहण किया। उन्होंने बताया कि जिले में टीबी उन्मूलन के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। सभी सीएचसी में एक्स-रे, जीन एक्सपर्ट और ट्रू-नॉट मशीन, पीएचसी में माइक्रोस्कोपिक जांच की व्यवस्था, और सभी मरीजों को छह माह का निःशुल्क डॉट्स उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, मरीजों को निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत प्रतिमाह एक हजार रुपये की डीबीटी सहायता दी जाती है। जनवरी से अप्रैल 2025 तक जिले में 367 नए मरीजों की पहचान कर उपचार शुरू किया गया है।
टीबी नियंत्रण की दिशा में जिले में 7 दिसंबर 2024 से 23 मार्च 2025 तक 100 दिवसीय निक्षय निरामय अभियान चलाया गया, जिसके अंतर्गत जिले की 94% जनसंख्या की टीबी स्क्रीनिंग की गई। वर्ष 2024 में जिले की 182 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया, जबकि 2023 में यह संख्या मात्र 12 थी, जो जिले की प्रगति का स्पष्ट संकेत है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा समुदाय की सहभागिता को भी विशेष महत्व दिया गया है। जिले में अब तक 686 निक्षय मित्र पंजीकृत हुए हैं, जिनमें राज्यपाल रमेन डेका, रेडक्रॉस सोसायटी, डॉक्टर, जनप्रतिनिधि, व्यापारी और आम नागरिक शामिल हैं, जो टीबी मरीजों को फूड बास्केट और पोषण सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
इस सम्मान समारोह में सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार वर्मा, डीपीएम सृष्टि मिश्रा, डीपीसी आलोक दुबे, अस्पताल सलाहकार रीना सलूजा सहित स्वास्थ्य विभाग की समस्त टीम मौजूद रही।
स्वास्थ्य विभाग बलौदाबाजार-भाटापारा सतत प्रयासों और जनभागीदारी से टीबी को जड़ से मिटाने की दिशा में अग्रसर है, और यह सम्मान उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण का सजीव प्रमाण है।