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मोर गांव मोर पानी: मुख्यमंत्री ने की ईंट जोड़ाई, जल संरक्षण को दी नई दिशा

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जिले में जल संचयन वाहिनी के प्रयासों की सराहना, 2500 सोखता गड्ढों और 1291 तालाबों की सफाई से जागा उम्मीद का स्रोत
बलौदाबाजार,
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज कसडोल विकासखंड के विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल गांव बल्दाकछार में पहुंचकर “मोर गांव, मोर पानी” महाभियान के तहत बनाए जा रहे सोखता गड्ढे का निरीक्षण किया। जनसहभागिता और पानी संरक्षण के इस नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उन्होंने स्वयं राजमिस्त्री की भूमिका निभाते हुए निर्माणाधीन सोखता गड्ढे में ईंट जोड़ी।

मुख्यमंत्री ने जल संचयन वाहिनी के कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए कहा, “जल संकट से निपटने के लिए समुदाय आधारित प्रयास समय की मांग हैं। बल्दाकछार जैसे गांवों में हो रहा यह कार्य प्रदेशभर के लिए एक मिसाल है।”
जल संचयन वाहिनी की सदस्य ललिता ध्रुव ने जानकारी दी कि गांव में अब तक 10 नलकूपों के पास सोखता गड्ढों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। महाभियान के अंतर्गत तालाबों की सफाई, दीवार लेखन, रैलियों और जल संचयन के लिए विभिन्न प्रकार की जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
उल्लेखनीय है कि 24 अप्रैल 2025 को पंचायत राज दिवस पर मुख्यमंत्री द्वारा “मोर गांव मोर पानी” अभियान की शुरुआत की गई थी। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की 519 ग्राम पंचायतों में अब तक 2500 से अधिक सोखता गड्ढों और 1291 तालाबों की सफाई का कार्य पूरा किया जा चुका है। प्रत्येक पंचायत में गठित दो-दो जल संचयन वाहिनी टीमें ग्रामीणों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित कर रही हैं।
ग्राम स्तर पर ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की नियमित बैठकों में वर्षा जल संचयन की योजनाएं बनाई जा रही हैं और गांववासियों द्वारा संरचनाओं का भौतिक सत्यापन भी किया जा रहा है।
“पानी की एक-एक बूँद बचाने की यह मुहिम आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और समृद्ध भविष्य देने की दिशा में बड़ा कदम है।”

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