BP NEWS CG
Breaking Newsकवर्धापंडरियासमाचारसिटी न्यूज़

भगवान भरोसे डेंगुरजाम का आंगनबाड़ी केंद्र: न भवन, न समय की पाबंदी, बच्चों का पोषण भगवान भरोसा 

Flex 10x20 new_1
previous arrow
next arrow
कार्यकर्ता-सहायिका समय पर नहीं पहुंचतीं, ग्रामीणों में आक्रोश
कवर्धा 
कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड के अंतर्गत डेंगुरजाम गांव में एकीकृत बाल विकास परियोजना कुकदुर (ICDS) के तहत संचालित आंगनबाड़ी केंद्र आज भी भगवान भरोसे चल रहा है। यहां न तो भवन है, न तय समय पर सेवाएं मिल रही हैं और न ही बच्चों को नियमित पोषण। यह केंद्र गांव की प्राथमिक शाला में अस्थायी रूप से संचालित किया जा रहा है क्योंकि वर्षों बाद भी भवन का निर्माण नहीं हुआ।
समस्या की जड़ 
गांव में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका दोनों ही अमनिया गांव से आती हैं, जो डेंगुरजाम से लगभग 11-12 किलोमीटर दूर है। इस कारण वे प्रायः 9 से 10 बजे के बीच ही पहुंचती हैं, जबकि आंगनबाड़ी केंद्र का निर्धारित समय सुबह 7 से 11 बजे तक का है। कई बार सप्ताह में एक-दो दिन केंद्र पूरी तरह से बंद रहता है।
ग्रामीणों ने इस स्थिति का विरोध करते हुए नियुक्तियों पर सवाल उठाए और बच्चों को केंद्र भेजना बंद कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। बच्चों के लिए निर्धारित सेवाएं—पोषण, स्वास्थ्य जांच, पूर्व-प्रारंभिक शिक्षा—लगातार बाधित हो रही हैं।
कागजों पर योजनाएं,
सरकार द्वारा चलाए जा रहे पोषण अभियान, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं और प्री-स्कूल एजुकेशन जैसे कार्यक्रमों का लाभ डेंगुरजाम के बच्चों को नहीं मिल पा रहा है। आंगनबाड़ी का मुख्य उद्देश्य बच्चों को कुपोषण से मुक्त करना है, लेकिन जब केंद्र ही समय पर नहीं खुलता, तो योजनाओं का उद्देश्य विफल हो जाता है।
समय पर नहीं खुलते केंद्र
गर्मी के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन सुबह 7 बजे से 11 बजे तक होना अनिवार्य है, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) 2013 की धारा 4 के तहत 6 वर्ष तक के बच्चों को पोषण आहार उपलब्ध कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, छत्तीसगढ़ बाल विकास सेवा नियमावली के अनुसार स्थानीय निवासी को नियुक्ति में प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ग्राम स्तर पर निगरानी समिति द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाना अनिवार्य है।
 ग्रामीणों की मांग
स्थानीय निवासी की नियुक्ति की जाए ताकि समय की पाबंदी सुनिश्चित हो सके , स्थायी भवन निर्माण जल्द कराया जाए , नियमित निगरानी की व्यवस्था लागू हो , गैर-जवाबदेह कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो
डेंगुरजाम की यह स्थिति शासन की योजनाओं और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर करती है। मासूम बच्चों का पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा जिन योजनाओं पर निर्भर है, वे योजनाएं जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही से दम तोड़ रही हैं। समय रहते प्रशासन ने अगर संज्ञान नहीं लिया तो यह पीढ़ियों को प्रभावित करने वाली चूक बन सकती है।

IMG-20250710-WA0006
previous arrow
next arrow

Related posts

हरियाणा में भाजपा की हैट्रिक, दूरदर्शी नेतृत्व, समावेशी राजनीति और जनकल्याण के प्रति दृढ़ संकल्प की जीत है : भावना बोहरा

Bhuvan Patel

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने त्रिवेणी संगम में किया पवित्र स्नान

Bhuvan Patel

पंडरिया विधानसभा के विकास एवं सेवा का परम सौभग्य देने के लिए आप सभी मेरे परिवारजनों को मैं प्रणाम करती हूँ : भावना बोहरा

Bhuvan Patel

Leave a Comment

error: Content is protected !!