कवर्धा , आध्यात्मिक ऊर्जा और संतवाणी के संगम का साक्षी बनने जा रहा है नगर बोड़ला, जहाँ 20 मई से 22 मई तक त्रिदिवसीय श्री सद्गुगुरु कबीर संत समागम का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इस पावन अवसर की तैयारियाँ जोरों पर हैं और पूरे क्षेत्र में उत्साह का वातावरण है।
विश्ववंदनीय सद्गुरु कबीर साहिब की असीम कृपा और पंथ श्री हुजूर प्रकाश मुनी नाम साहिब तथा नवोदित वंशाचार्य श्री हुजूर उदित मुनी नाम साहिब की प्रेरणा से यह कार्यक्रम नगर पंचायत क्षेत्र के पुराने शाला भवन प्रांगण में आयोजित किया जाएगा। आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष डॉ. रूपनाथ मानिकपुरी ने बताया कि इस समागम में परम पूज्य गुरु गोस्वामी डॉ. भानु प्रताप साहिब एवं माता सुलक्षणा देवी जी के करकमलों से चौका आरती, आशीर्वचन व संत दर्शन का लाभ श्रद्धालु प्राप्त करेंगे।
समस्त कबीरपंथ समाज एकजुट होकर इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु लगातार बैठकें आयोजित कर रहा है। कबीर कुटी बोड़ला में चल रही बैठकों में 40-50 गांवों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। नल-जल व्यवस्था, भोजन भंडारा, मंच सज्जा, शोभायात्रा, कलश यात्रा, पंडाल और चौका आरती आदि सभी व्यवस्थाओं के लिए समितियाँ गठित कर ज़िम्मेदारियाँ सौंप दी गई हैं।
चिल्पी घाटी के महंत अमृत दास महानंद ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य संत कबीर के विचारों, उपदेशों और आध्यात्मिक संदेशों का जन-जन तक प्रचार करना है। भजन, सत्संग, प्रवचन और चौका आरती जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति, साधना और प्रेम-पुर्ण जीवन जीने की प्रेरणा मिलेगी। यह समागम आपसी प्रेम, भाईचारा और सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण बनेगा।
हजारों श्रद्धालुओं के पहुँचने की संभावना को देखते हुए भोजन भंडारा नए मंगल भवन में आयोजित होगा तथा पार्किंग की सुविधा तहसील कार्यालय के पास (कवर्धा-पंडरिया मार्ग) और झंडा तिराहा (चिल्पी-मंडला मार्ग) पर की गई है।
यह आयोजन केवल एक धार्मिक समागम नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और परंपरा का जीवंत उत्सव है, जहाँ संतों का सान्निध्य और सद्गुरु कबीर साहेब के अमृतवाणी से जनमानस को आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति होगी।
“जिन खोजा तिन पाइयाँ, गहरे पानी पैठ…” आइए, इस त्रिदिवसीय संत समागम में सहभागी बनें और सद्गुरु की कृपा से जीवन को एक नई दिशा दें।