कभी शहर के भरोसेमंद कारोबारी के रूप में पहचाना जाने वाला ‘राजेश बूट हाउस’ का संचालक सन्नी गोविंदानी अब संगठित आर्थिक अपराध का सबसे कुख्यात चेहरा बन चुका है। दोगुना मुनाफा, ब्याज और रोजगार का सपना दिखाकर आम लोगों से लाखों की ठगी करने वाले इस आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका बलौदा बाजार न्यायालय ने सख्ती से खारिज कर दी है।
‘पूर्वनियोजित आर्थिक अपराधी’ घोषित, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी
पुलिस अब सन्नी को “पूर्वनियोजित आर्थिक अपराधी” मानते हुए उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर देशभर में सघन तलाश अभियान चला रही है।
ठगी का भंडाफोड़: अभिषेक साहू की शिकायत से खुली परतें
इस घोटाले की शुरुआत वार्ड 13, नेहरू चौक निवासी अभिषेक साहू की शिकायत से हुई। मुरारी फोटो स्टूडियो के संचालक अभिषेक ने बताया कि 12 अगस्त 2024 को सन्नी ने छह महीने में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर उनसे ₹57,000 नकद और ₹43,000 IMPS के जरिए अपनी मां सरिता गोविंदानी के बैंक खाते में ट्रांसफर करवाए।
15 अगस्त के बाद से सन्नी ने संपर्क तोड़ दिया और जनवरी 2025 में जानकारी मिली कि वह परिवार सहित शहर छोड़ चुका है। दुकान पर ताला और मोबाइल हमेशा बंद।
FIR के बाद खुली बहुस्तरीय ठगी की परतें
थाने में दर्ज FIR क्रमांक 0344/2025 के बाद जब पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। ये एक नहीं, बल्कि दर्जनों मामलों की एक सुनियोजित श्रृंखला थी, जिसमें हर व्यक्ति को अलग कहानी सुनाकर फंसाया गया।
ठगे गए लोगों की सूची – भरोसे की कीमत लाखों में चुकाई
अब तक की जांच में जिन पीड़ितों के नाम सामने आए हैं:
अभिषेक केसरवानी, सदर रोड – ₹2,00,000 (10 माह में वापसी का वादा)
वेद प्रकाश आरतानी, दुर्गा चौक – ₹2,30,000 (किस्तों में निवेश)
हेमंत रोहरा, निवाली-सिंघीयानी – ₹1,60,000 (व्यवसायिक आवश्यकता बताकर)
तरुण गुप्ता, नेहरू चौक – ₹6,50,000 (दोगुना लाभ का वादा)
जितेंद्र पटेल, सिविल लाइन – ₹1,00,000 (नकद उधारी)
बरुण बिस्वास, समृद्धि कॉलोनी – ₹6,50,000 (पारिवारिक संबंधों पर विश्वास)
सुमित जैन, नेहरू चौक – ₹6,50,000 (10 सदस्यीय समूह बनाकर)
आशीष केसरवानी, बलौदा बाजार – ₹9,00,000+ (समूह आधारित लेनदेन)
हिरानंद पंजवानी, समृद्धि कॉलोनी – ₹5,00,000 (तीन साल में दोगुना वादा)
आयुष बरनवाल, गांधी चौक – ₹1,00,000 (ब्याज का आश्वासन)
बीरेंद्र नामदेव, गांधी चौक – ₹6,50,000 (10 महीने तक ब्याज)
ठगी का ‘फॉर्मूला’
1. प्रतिष्ठित व्यापारी की छवि गढ़ना
2. मुनाफे, रोजगार या संकट की कहानी सुनाना
3. नकद या ऑनलाइन रकम लेना
4. धीरे-धीरे संपर्क खत्म करना
5. दुकान बंद कर शहर से फरार हो जाना
कानून का शिकंजा कसता
FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत संगीन आर्थिक अपराध का मामला दर्ज किया गया है। लेन-देन अधिकतर सन्नी की मां सरिता गोविंदानी के बैंक खाते में हुए हैं, इसलिए वह भी जांच के घेरे में हैं।
पुलिस को देशभर में तलाश
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सन्नी संभवतः किसी अन्य राज्य में या परिचितों के यहां छिपा हो सकता है। पुलिस की टीमें मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान तक सर्च अभियान चला रही हैं।
अब चुप मत रहिए – सामने आइए
यदि आप या आपके किसी परिचित ने सन्नी गोविंदानी को कोई रकम दी है, तो तत्काल बलौदा बाजार थाना या अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में संपर्क करें।
आपकी चुप्पी अपराध को बढ़ावा देती है। आइए, ठगों को न्याय के कठघरे तक पहुंचाएं।
यह सिर्फ आर्थिक अपराध नहीं — यह भरोसे की हत्या है।
समाज को ऐसे चेहरों से सतर्क करना ही अब सबसे बड़ा धर्म है।