BP NEWS CG
Breaking Newsकवर्धाबड़ी खबरसमाचारसिटी न्यूज़

विकास के नाम पर विनाश! पंडरिया वन विकास निगम पर अवैध कटाई और लीपापोती के आरोप

Flex 10x20 new_1
previous arrow
next arrow
पंडरिया
वनों के संरक्षण और संवर्धन के नाम पर काम करने वाला पंडरिया वन विकास निगम अब खुद वनों के विनाश का केंद्र बनता जा रहा है। निगम पर कम पौधारोपण कर बड़े स्तर पर दिखावा करने, पुराने हरे-भरे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और स्थानीय ग्रामीणों की अनदेखी जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
पिछले महीने भेड़ागढ़ के बैगा पारा के पास सैकड़ों नीलगिरी और सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई हुई, जिसकी जानकारी मिलने के बावजूद निगम द्वारा एक महीने बाद महज खानापूर्ति करते हुए दो लोगों की गिरफ्तारी दिखा दी गई।
ग्रामीणों का कहना है कि खाली पड़ी भूमि पर पौधारोपण करने की बजाय, निगम 40-50 साल पुराने पेड़ों को काट रहा है। वन सुरक्षा समिति और स्थानीय ग्रामीणों के विरोध के बावजूद निगम के कर्मचारी अपनी कार्यशैली पर अड़े हुए हैं, जिससे अक्सर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
मुनमुना बीट क्रमांक 442 में भी अवैध कटाई का मामला सामने आया है, जहां ग्रामीणों ने जन औषधियों और जैव विविधता की रक्षा के लिए खुद बीट में पहुंचकर शासन से अपील की है कि वे अपने वन की रक्षा स्वयं करना चाहते हैं और कटाई पर तत्काल रोक लगे।
इस पूरे मामले में वन विकास निगम की SDO दीपिका सोनवानी ने सफाई दी है कि “वर्किंग प्लान के तहत जंगल की सफाई की जा रही है और जुलाई माह में बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा।”
लेकिन एक बड़ा सवाल यह है कि जब निगम के कर्मचारी मुख्यालय से दूर अन्य स्थानों पर निवास कर रहे हैं, तो कैसे सुनिश्चित किया जा सकता है कि वन क्षेत्र की निगरानी सही ढंग से हो रही है? यही वजह है कि अवैध कटाई लगातार बढ़ती जा रही है और वन क्षेत्र दिन-ब-दिन सिमटता जा रहा है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि शासन-प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप कर वन विनाश पर रोक लगाए और पारदर्शिता के साथ वन संरक्षण की प्रक्रिया शुरू की जाए।

IMG-20250710-WA0006
previous arrow
next arrow

Related posts

छत्तीसगढ़ पुलिस की अनोखी पहल: पहली बार ओपन शतरंज प्रतियोगिता, खेल के माध्यम से दी जा रही है नशा मुक्ति और साइबर जागरूकता की सीख”

Bhuvan Patel

“नारी शक्ति को मिला संवैधानिक संबल: 33% आरक्षण से सशक्त होगा लोकतंत्र” — दिलेश्वरी जायसवाल

Bhuvan Patel

कांवड़ यात्रा भारत की धार्मिक और सामाजिक आस्था का प्रतीक है, कबीरधाम जिले से पधारे शिवभक्तों द्वारा हमें सेवा का अवसर देने के लिए आभार : भावना बोहरा

Bhuvan Patel

Leave a Comment

error: Content is protected !!