BP NEWS CG
Breaking Newsकवर्धाबड़ी खबरसमाचारसिटी न्यूज़

पाठशाला बंद, मधुशाला चालू, किसान बेहाल: भूपेश बघेल का सरकार पर तीखा वार

Flex 10x20 new_1
previous arrow
next arrow
छत्तीसगढ़ की राजनीति में रविवार को रसौटा गांव एक अहम केंद्र बना रहा, जहां शोक और सियासी चेतना का दुर्लभ संगम देखने को मिला। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कसडोल की पूर्व विधायक शकुंतला साहू की माता स्वर्गीय लीला देवी साहू के दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे।
भावनात्मक माहौल में दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए बघेल ने कहा कि लीला देवी साहू न केवल एक आदर्श माता थीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में उनकी भूमिका प्रेरणादायी रही है। उन्होंने परिवार को सांत्वना देते हुए कहा कि उनकी सहजता, सहनशीलता और सेवा भाव हमेशा स्मरणीय रहेंगे।
इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू, राज्य के पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर, पलारी विधायक संदीप साहू, इंद्रदेव साव, जनक राम वर्मा, चंद्रदेव राय, राकेश वर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमित्रा घृतलहरे सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
सरकार पर बघेल का तीखा प्रहार
दशगात्र कार्यक्रम के पश्चात आयोजित प्रेस वार्ता में भूपेश बघेल पूरी तरह आक्रामक नजर आए। उन्होंने राज्य सरकार को कई मोर्चों पर घेरते हुए कहा—
> “प्रदेश की हालत दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। किसान बीज और खाद के लिए भटक रहे हैं, कहीं वितरण नहीं हो रहा, तो कहीं गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह हैं। सरकार मूकदर्शक बनकर बैठी है।”
शिक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए उन्होंने तंज कसा—
> “जहां बच्चों को ज्ञान चाहिए, वहां पाठशालाएं बंद की जा रही हैं, और जहां समाज को नशामुक्ति चाहिए, वहां सरकार मधुशालाओं का उद्घाटन कर रही है। यह सरकार की प्राथमिकताओं का वीभत्स चित्र है— ‘पाठशाला बंद, मधुशाला चालू, किसान बेहाल।’”
राम वन गमन पथ का मुद्दा भी उठाया
राजनीतिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर बोलते हुए बघेल ने सरकार की राम वन गमन पथ परियोजना की उपेक्षा को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा
> “तुरतुरिया जैसे ऐतिहासिक स्थल को तैयार हुए दो साल से अधिक हो गए, लेकिन अब तक उसका उद्घाटन नहीं हुआ। क्या सरकार को श्रीराम की आस्था से कोई सरोकार नहीं है?”
“यह सत्ता नहीं, नीति-नीयत की लड़ाई है”
बघेल ने यह स्पष्ट किया कि कांग्रेस की लड़ाई केवल सत्ता परिवर्तन की नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों, नीतियों और जनहित की है।
> “जब तक किसान सुरक्षित नहीं, छात्र शिक्षित नहीं और युवा रोजगारयुक्त नहीं— तब तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी। हम सड़कों से लेकर सदन तक जनता की आवाज उठाते रहेंगे।”
भूपेश बघेल के दौरे ने रसौटा में केवल एक श्रद्धांजलि सभा नहीं, बल्कि सरकार की नीतियों पर तीखे राजनीतिक प्रहार का मंच भी प्रदान किया। ‘पाठशाला बंद, मधुशाला चालू’ जैसे वाक्य आज प्रदेश की राजनीति में बहस का विषय बन गए हैं, जो आने वाले दिनों की सियासी सरगर्मी का संकेत दे रहे हैं।

IMG-20250710-WA0006
previous arrow
next arrow

Related posts

चिढ़ाने को लेकर एक नाबालिक ने सात वर्षीय मासूम बालिका का किया हत्या , शव को दीवार से फेक दिया 

Bhuvan Patel

मोबाइल नहीं, भावनाएं लौटाई — कबीरधाम पुलिस ने 35 लाख के गुम मोबाइल उनके स्वामियों को सौंपे

Bhuvan Patel

शराब का पकड़ाया जखीरा , सुबह सुबह बोलोरो में ले जा रहे थे 40 पेटी शराब

Bhuvan Patel

Leave a Comment

error: Content is protected !!