कबीरधाम जिले में साइबर अपराध की एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है, जिसमें अब तक 2.5 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी सामने आई है। मामले में पुलिस ने अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरे की तलाश जारी है।
थाना भोरमदेव में अपराध क्रमांक 28/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 317(4), 318(2), 61(2), एवं 111(3) के अंतर्गत एक संगठित साइबर फ्रॉड रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। जांच के दौरान सामने आया है कि यह गिरोह ठगी के लिए योजनाबद्ध तरीके से बैंक खातों, एटीएम कार्ड और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करता था।
प्रकरण में पहली गिरफ्तारी 07 जून 2025 को नामदेव साहू के रूप में हुई थी। पूछताछ में उसके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर पुलिस ने दूसरे आरोपी सत्यनारायण दुबे को 08 जून को गिरफ्तार किया। दुबे पर आरोप है कि उसने अन्य लोगों के माध्यम से बैंक खाता, एटीएम कार्ड और संबंधित मोबाइल नंबर ठगी के लिए उपलब्ध कराए।
अब इस गिरोह से जुड़े तीसरे आरोपी की पहचान भी कर ली गई है, जो ठगी की श्रृंखला में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। उसकी खोजबीन के लिए कबीरधाम साइबर सेल की एक टीम रायगढ़ के लिए रवाना हो चुकी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों के कार्यप्रणाली में आपसी तालमेल और संगठित तरीके से काम करने के स्पष्ट संकेत मिले हैं। इसी आधार पर मामले में संगठित अपराध की धारा 111(3) बीएनएस और आपराधिक षड्यंत्र की धारा 61(2) बीएनएस को भी जोड़ा गया है।
गिरोह द्वारा साइबर ठगों को बैंक खाता उपलब्ध कराना, ठगी की राशि में कमीशन बांटना, खाते को होल्ड करवाना और उसमें दर्ज मोबाइल नंबर बदलवाने जैसी गतिविधियां लगातार सामने आ रही हैं। ये सभी क्रियाएं एक गहरी और योजनाबद्ध आपराधिक साजिश की ओर इशारा करती हैं।