जिला मुख्यालय स्थित घुघरी रोड आईएचएसडीपी अटल आवास में बुधवार की सुबह एक बड़ा प्रशासनिक अभियान चलाया गया। नगर पालिका परिषद कवर्धा और पुलिस विभाग की संयुक्त कार्यवाही में सुबह 5:30 बजे से घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन व छानबीन अभियान चलाया गया। इस दौरान न केवल अपात्र व्यक्तियों की पहचान हुई, बल्कि आपराधिक व संदेहास्पद गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया।
नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी के नेतृत्व और मुख्य नगर पालिका अधिकारी की निगरानी में 11 सदस्यीय विशेष टीम गठित की गई थी, जिसमें अनुभवी राजस्व व नगर निगम कर्मी शामिल थे। अभियान का उद्देश्य सरकारी आवास योजना के अंतर्गत आवंटित आवासों की पात्रता की जांच, अवैध कब्जों की पहचान तथा संदिग्ध गतिविधियों की रोकथाम था।
456 मकानों का सर्वेक्षण – चौंकाने वाले खुलासे
सर्वेक्षण के दौरान मिले प्रमुख तथ्य:
161 मकानों पर अवैध कब्जा
70 मकानों में ही पात्र हितग्राही निवासरत
106 मकानों में ताला बंद
69 मकानों के खिड़की-दरवाजे टूटे
48 मकान पूर्णत: खाली मिले
स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई लोगों ने आवास बेच दिए हैं या मकान छोड़कर चले गए हैं, जबकि कुछ मामलों में बिना अनुमति अन्य लोगों ने घरों पर कब्जा जमा लिया है। बिक्रीनामा जैसे असंवैधानिक दस्तावेजों के आधार पर स्थानांतरण के मामले भी सामने आए हैं।
पुलिस की भूमिका भी रही सशक्त
छापेमारी के दौरान पुलिस विभाग ने कई संदिग्धों से पूछताछ की और अवैध गतिविधियों में संलग्न कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया। जांच अभी जारी है और प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आवश्यक कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
नगर पालिका परिषद कवर्धा ने आमजन से अपील की है कि वे सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग करें और वास्तविक जानकारी उपलब्ध कराएं ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र हितग्राहियों तक ही सीमित रहे।
कवर्धा का यह बड़ा प्रशासनिक कदम सरकारी आवास योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। साथ ही, यह कार्रवाई पूरे प्रदेश के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करती है कि अवैध कब्जों और अनियमितताओं को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।