जिले के ग्रामीण अंचलों में धड़ल्ले से बिक रही अवैध शराब को लेकर जहां एक ओर पुलिस सक्रिय नजर आ रही है, वहीं आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। आबकारी विभाग राजस्व संग्रहण की होड़ में नियमों को ताक पर रख शराब की अधिकृत बिक्री तो करता है, लेकिन अवैध व्यापार पर नियंत्रण के मामले में उसकी निष्क्रियता स्पष्ट दिख रही है। इस बीच थाना कुण्डा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देश पर चल रहे अवैध शराब, सट्टा और जुए के खिलाफ अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल, पंडरिया एसडीओपी भूपत सिंह धनेश्री और कुण्डा थाना प्रभारी महेश प्रधान के नेतृत्व में 25 जून को ग्राम सेन्हाभाठा में सार्वजनिक मंच के पास दबिश देकर अवैध शराब परिवहन कर रहे आरोपी को पकड़ा गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान बृजलाल उर्फ राजू बांधे (30 वर्ष), निवासी खैरझिटी (नया), थाना कुण्डा के रूप में हुई है। आरोपी के पास से पुलिस ने 32 पौवा (5.760 लीटर) देशी प्लेन शराब, जिसकी कीमत लगभग 2,560 रुपये आंकी गई है, तथा एक एसपी होंडा मोटर सायकल (मूल्य 80,000 रुपये) बरामद की। जब्त सामग्री की कुल कीमत 82,560 रुपये है।
आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2), 59(क) के तहत अपराध दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब का कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है, जबकि जिम्मेदार आबकारी विभाग पूरी तरह से नदारद है। विभाग की निष्क्रियता के कारण ही पुलिस को आबकारी का काम भी संभालना पड़ रहा है।
जिला पुलिस ने आमजनों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। जिले में इस प्रकार की गैरकानूनी गतिविधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई लगातार जारी है।