वनांचल क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग पर शुरू हुआ चिल्फी-रेंगाखार सड़क निर्माण कार्य अब ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। ठेकेदार की लापरवाही और अधूरे कार्य के चलते सड़क बदहाल हालत में है। बरसात के मौसम में सड़क पर डाली गई मिट्टी अब कीचड़ में तब्दील हो चुकी है, जिससे स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की राह दुश्वार हो गई है।
झलमला, शीतलपानी, बहनाखोदरा और साल्हेवारा जैसे गांवों के बच्चे आत्मानंद स्कूल चिल्फी में पढ़ाई करने जाते हैं, लेकिन अधूरी और दलदली सड़क से होकर गुजरना उनके लिए रोजाना की चुनौती बन गई है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढों और फिसलन के कारण कई बाइक सवार हादसों का शिकार हो चुके हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण एजेंसी ने लगभग छह महीने पूर्व सड़क का कार्य शुरू किया था, लेकिन कुछ दूरी तक मिट्टी डालकर काम अधूरा छोड़ दिया गया। न तो पक्कीकरण हुआ और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम। परिणामस्वरूप हर बारिश में यह मार्ग दलदल बन जाता है।
प्रशासनिक उदासीनता और गुणवत्ताहीन कार्य से नाराज ग्रामीणों ने जल्द समाधान की मांग की है।
वे चाहते हैं कि संबंधित ठेकेदार पर कार्रवाई कर अधूरे कार्य को तुरंत पूर्ण किया जाए, ताकि विद्यार्थियों और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।