जिले के एक बाल संप्रेषण गृह में पदस्थ अधिकारी राम कुमार सूर्यवंशी द्वारा नाबालिग अपचारी बालक के साथ दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी अधिकारी ने पीड़ित को उसके परिजन से मिलवाने का बहाना बनाकर विश्वास में लिया और उसके साथ दुराचार किया।
मामला तब उजागर हुआ जब न्यायालय की नियमित परीक्षण टीम संप्रेषण गृह का निरीक्षण करने पहुंची। निरीक्षण के दौरान पीड़ित बालक ने साहस दिखाते हुए टीम को अपनी आपबीती सुनाई। जानकारी मिलते ही मामला न्यायालय के संज्ञान में लाया गया, जिसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने पुलगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारी के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया और आरोपी को सोमवार को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। प्रशासन ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है, साथ ही बाल संप्रेषण गृह की व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।