कवर्धा। रामनगर में वर्ष 2017 में हुए चर्चित डॉक्टर दंपत्ति हत्याकांड की गुत्थी अब सुलझने की कगार पर है। मंगलवार को पुलिस ने मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी को लेकर घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम का सीन रीक्रिएशन किया। यह कार्रवाई दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुई और करीब एक घंटे तक चली।
पुलिस ने रामनगर स्थित उस मकान को चारों तरफ से घेरकर पहले पूरी तरह सुरक्षित किया, फिर आरोपी को उसी रास्ते से घर के भीतर ले जाया गया, जिस रास्ते से वह कथित रूप से आठ साल पहले दाखिल हुआ था। मौके पर पुलिस ने हत्या से जुड़े हर पल, हर क्रिया को दोहरवाया — डॉक्टर दंपत्ति के बीच किस बात को लेकर कहासुनी हुई, कैसे गुस्सा बढ़ा, किस क्रम में घटनाएं घटीं और किस तरह डॉक्टर और फिर उनकी पत्नी की हत्या की गई।
इस सीन रीक्रिएशन के दौरान पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल, एसडीओपी कृष्ण कुमार चंद्राकर और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम मौजूद रही। तकनीकी विशेषज्ञों ने पुराने सबूतों की पुष्टि के लिए घटना स्थल से जुड़े रक्त के धब्बों, संघर्ष के चिन्हों और आरोपी के भागने की दिशा को बारीकी से जांचा। पुरानी तस्वीरों से साक्ष्यों का मिलान किया गया।
एफएसएल टीम ने इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की, जिससे इसे न्यायालय में एक मजबूत तकनीकी साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सके। पुलिस के अनुसार, आरोपी के बयान और घटनास्थल के हालातों में कई अहम समानताएं मिली हैं, साथ ही कुछ नई जानकारियां भी सामने आई हैं, जो अब तक की विवेचना में सामने नहीं आई थीं।
ज्ञात हो कि वर्ष 2017 में रामनगर निवासी प्रतिष्ठित डॉक्टर दंपत्ति की घर में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। यह मामला वर्षों तक रहस्य बना रहा, लेकिन कबीरधाम पुलिस की सतत निगरानी और गहन अनुसंधान से अब इसकी परतें खुलने लगी हैं।
पुलिस अब इस बहुचर्चित हत्याकांड को न्यायालय में ठोस साक्ष्यों के साथ प्रस्तुत करने की तैयारी में जुट गई है, जिससे आरोपी को उसके अपराध की सजा दिलाई जा सके।