जिला चिकित्सालय कवर्धा में चिकित्सा विज्ञान का मिसाल पेश करते हुए चिकित्सकों ने एक ट्रिपलेट और दो-दो जुड़वा समेत कुल सात नवजातों का सफल उपचार कर उन्हें नया जीवन दिया है। बैजलपुर निवासी गर्भवती महिला सीमा श्रीवास, जिनके गर्भ में ट्रिपलेट शिशु थे, का 17 जून 2025 को सफल ऑपरेशन किया गया। गायनकोलॉजिस्ट डॉ. जितेंद्र वर्मा, ओटी टीम और लेबर वार्ड की टीम के संयुक्त प्रयासों से यह जटिल सर्जरी सफल रही।
ऑपरेशन के बाद जन्मे तीनों बच्चों का वजन सामान्य से काफी कम था — पहला बच्चा 970 ग्राम, दूसरा 1.100 किलोग्राम और तीसरा 1.700 किलोग्राम। जन्म के तुरंत बाद ही तीनों को एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) में भर्ती किया गया, जहां दो बच्चों को सीपैप मशीन के सपोर्ट पर रखा गया। बच्चों की स्थिति अत्यंत नाजुक थी, लेकिन एसएनसीयू टीम के अथक प्रयासों और 28 दिनों की लगातार निगरानी व इलाज के बाद 14 जुलाई 2025 को तीनों ट्रिपलेट बच्चों को सुरक्षित डिस्चार्ज किया गया।
एसएनसीयू यूनिट के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सलिल मिश्रा, डॉ. जूही सोनवानी और डॉ. नवनीत ठाकुर की सतत देखरेख और टीम वर्क से यह संभव हो पाया। डॉ. मिश्र ने बताया कि कम वजन वाले नवजातों को विशेष देखभाल और पोषण की आवश्यकता होती है, इसलिए डिस्चार्ज के बाद भी माता-पिता को सावधानीपूर्वक पालन करने की सलाह दी गई है।
इसी दौरान कवर्धा जिले के 1 जुड़वा बच्चों (नॉर्मल डिलीवरी) और वार्ड 18 की 1 अन्य जुड़वा बच्चों सहित कुल 4 और नवजातों का भी एसएनसीयू में उपचार किया गया। ये सभी बच्चे भी कम वजन के कारण विशेष निगरानी में रखे गए थे। अंततः कुल 7 बच्चों को सुरक्षित रूप से डिस्चार्ज किया गया है।
इस पूरे सफल ऑपरेशन और उपचार को लेकर जिला अस्पताल की एसएनसीयू टीम, ओटी टीम और लेबर वार्ड टीम की टीम वर्क की पूरे जिलेभर में सराहना की जा रही है। जिला अस्पताल प्रबंधन ने भी चिकित्सकों और स्टाफ को बधाई दी है।
यह उपलब्धि जिले के स्वास्थ्य सेवा स्तर को दर्शाती है, जहां सीमित संसाधनों में भी जीवन रक्षक सेवाएं गुणवत्तापूर्ण रूप से दी जा रही हैं।