कवर्धा। कबीरधाम जिले के चर्चित पर्यटन स्थल रानी दहरा जलप्रपात में हुए दिल दहला देने वाले हादसे में अब तक दो युवकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। बीते दो दिनों से लगातार चल रहे सर्च ऑपरेशन के बाद आखिरकार लापता युवक श्रीजन पाठक का शव हादसे के करीब 24 घंटे बाद झरने से लगभग 9 किलोमीटर दूर बरामद कर लिया गया।
श्रीजन पाठक, जो कि मुंगेली जिले का निवासी था, अपने मित्र उमेश साहू के साथ रविवार को रानी दहरा जलप्रपात घूमने आया था। दोनों झरने के ऊपरी हिस्से में घूम रहे थे कि अचानक बारिश के चलते जलस्तर तेज़ी से बढ़ा और श्रीजन तेज बहाव में बह गया।
घटना के प्रत्यक्षदर्शी उमेश साहू ने बताया कि दोनों नाले के किनारे बैठकर झरने का दृश्य देख रहे थे, तभी अचानक पानी की धार तेज़ हो गई और श्रीजन उसमें बह गया। वह देखते ही देखते आंखों से ओझल हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने नगर सेना की 17 सदस्यीय टीम और एसडीआरएफ के विशेष दल को सर्च ऑपरेशन में लगाया। श्रीजन की तलाश में दो दिनों तक लगातार सर्च अभियान चलाया गया। सोमवार को उसकी लाश करीब 9 किलोमीटर दूर पानी के तेज बहाव वाले हिस्से से बरामद की गई।
इससे पहले रविवार को ही नरेंद्र पाल (उम्र 45 वर्ष), निवासी मुंगेली, का शव झरने से तीन किलोमीटर दूर बरामद किया गया था। वह भी अपने साथियों के साथ घूमने आया था और तेज बहाव में बह गया था।
एक युवक की जान ग्रामीणों ने बचाई
घटना में एक तीसरे युवक की जान आसपास मौजूद ग्रामीणों की सतर्कता से बचाई जा सकी। वह युवक बेमेतरा जिले का निवासी था, जिसे सुरक्षित बाहर निकालकर बोड़ला अस्पताल पहुंचाया गया था।
प्रशासन सतर्क, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
लगातार हो रही घटनाओं के बाद कलेक्टर और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए। अब रानी दहरा जलप्रपात में बिना अनुमति प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया है। साथ ही गहरे पानी में नहाना, खतरनाक स्थानों पर सेल्फी लेना, मदिरा सेवन और प्लास्टिक उपयोग पर भी सख्त रोक लगाई गई है।
माता-पिता की आंखें बेटे की तलाश में थकीं
श्रीजन के पिता सुनील पाठक और परिजन बीते दो दिनों से घटनास्थल पर डटे रहे। वे बेटे की सलामती की दुआ कर रहे थे, लेकिन बेटे का शव मिलने की खबर ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। स्थानीय ग्रामीण और पर्यटक भी इस घटना से बेहद दुखी हैं।
स्थानीयों की मांग – स्थायी सुरक्षा प्रबंध हों
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि रानी दहरा जलप्रपात जैसे संवेदनशील पर्यटन स्थल पर स्थायी सुरक्षा व्यवस्था, चेतावनी बोर्ड, गार्ड की तैनाती और फेंसिंग अनिवार्य की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
“यह हादसा पर्यटन स्थलों की लापरवाहियों और सुरक्षा के प्रति लचर रवैये की एक बार फिर से बड़ी बानगी बन गया है।”