आबकारी विभाग की लगातार कार्रवाई के बावजूद जिले में अवैध शराब के धंधे पर लगाम नहीं लग पा रही है। ताजा मामला कसडोल थाना अंतर्गत ग्राम मुड़पार का है, जहां आबकारी विभाग ने 25 बल्क लीटर अवैध महुआ शराब जब्त की है। इस कार्रवाई से एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं कि आखिर इतनी कार्रवाई के बावजूद अवैध कारोबार करने वाले क्यों बेखौफ हैं और विभाग की कार्यवाही का उन पर कोई असर क्यों नहीं पड़ रहा ।
आबकारी आयुक्त श्याम धावड़े के निर्देश पर कलेक्टर दीपक सोनी एवं जिला आबकारी अधिकारी मुकेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे अभियान के तहत आरोपी राधेश्याम जायसवाल पिता मोतीलाल को 25 लीटर महुआ शराब के साथ पकड़ा गया। जब्त शराब की बाजार कीमत लगभग 5000 रुपए बताई जा रही है। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2), 59(क) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
हालांकि लगातार की जा रही कार्रवाइयों के बावजूद अवैध शराब कारोबारियों में भय का माहौल नहीं दिख रहा है। यह सवाल खड़ा करता है कि विभागीय कार्रवाई केवल खानापूर्ति बनकर रह गई है या फिर इन कारोबारियों को किसी आंतरिक संरक्षण का लाभ मिल रहा है
स्थानीय ग्रामीण भी मानते हैं कि कार्रवाई के बाद भी अवैध शराब का धंधा खुलकर जारी है। ऐसे में विभाग की रणनीति और प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
आबकारी विभाग की कार्रवाई के दौरान सहायक जिला आबकारी अधिकारी जलेश कुमार सिंह और नगर सैनिक राजकुमारी पैकरा उपस्थित रहे। बावजूद इसके गांवों में शराब कारोबार पर लगाम कसने में विभाग विफल नजर आ रहा है।
अब देखना होगा कि आबकारी विभाग इस सवाल का क्या जवाब देता है कि कार्रवाई के बावजूद कारोबारियों में भय क्यों नहीं दिख रहा है।