कबीरधाम जिले के नागरिकों के लिए यह ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण है। राज्य सरकार ने जिला अस्पताल कवर्धा को 100 बिस्तरों से बढ़ाकर 220 बिस्तरों में विस्तारित करने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस फैसले से जहां जिले में स्वास्थ्य सेवाएं सशक्त होंगी, वहीं लंबे समय से प्रतीक्षित मेडिकल कॉलेज स्थापना की राह भी अब स्पष्ट और सशक्त हो गई है।
छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा 16 जुलाई 2025 को जारी आदेश के अनुसार, जांजगीर-चांपा और कबीरधाम के अस्पतालों में विस्तार के लिए कुल 516 नए पदों का सृजन किया गया है। इनमें कबीरधाम जिले के लिए 258 पद स्वीकृत किए गए हैं।
प्रमुख स्वीकृत पद:
चिकित्सा अधिकारी: 82
स्टाफ नर्स: 130 (प्रति अस्पताल 65)
विशेषज्ञ चिकित्सक: बाल रोग, स्त्री रोग, मानसिक रोग, सर्जरी, एनेस्थेसिया आदि में कुल 100+ पद
सहायक कर्मचारी: आया, वार्ड ब्वॉय, वाहन चालक, सफाईकर्मी आदि
इस निर्णय के बाद कबीरधाम वासियों ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जन संगठनों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों ने इसे मेडिकल कॉलेज की स्थापना की दिशा में मजबूत आधार बताया है।
“220 बिस्तरों की स्वीकृति मिलना सिर्फ अस्पताल विस्तार नहीं, बल्कि मेडिकल कॉलेज के लिए बुनियादी संरचना का निर्माण है,” – ऐसा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है।
शासन के अन्य निर्देश
सभी पदों की नियुक्ति सेवा भर्ती नियमों के तहत होगी।
पदों की पूर्ति निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी।
वित्तीय भार राज्य योजना मद से वहन किया जाएगा।
इस निर्णय से कबीरधाम जैसे आदिवासी और पिछड़े जिले में स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। 220 बिस्तरों वाला अस्पताल, भविष्य में मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग संस्थान की स्थापना के लिए आवश्यक शर्तों को पूरा करता है।
कुल मिलाकर, यह निर्णय न केवल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार है, बल्कि कबीरधाम को एक स्वस्थ और समृद्ध भविष्य की ओर ले जाने वाला ऐतिहासिक कदम है।