अल्ट्राटेक सीमेंट बैकुंठ प्लांट में बोनस को लेकर प्रबंधन और संयुक्त ट्रेड यूनियन के बीच टकराव चरम पर पहुंच गया है। शुक्रवार 2 अगस्त को दोपहर तीन बजे से यूनियन प्रतिनिधिमंडल प्लांट प्रमुख कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठा हुआ है। आरोप है कि रातभर भूखे-प्यासे बैठे श्रमिक नेताओं को प्रबंधन ने बुनियादी सुविधाएं तक मुहैया नहीं कराई।
बोनस विवाद ने तब और तूल पकड़ा जब खुलासा हुआ कि जुलाई माह में कंपनी ने अपने स्टाफ ऑफिसरों के वेतन में ₹40,000 की मासिक वृद्धि और ₹20,000 का बोनस इजाफा किया है, जबकि श्रमिकों के वार्षिक बोनस को देने से इनकार किया गया है। यूनियन नेताओं का कहना है कि श्रमिक वर्ग स्कूल-कॉलेज फीस जैसी पारिवारिक ज़रूरतों के लिए बोनस पर निर्भर रहता है।
धरने में शामिल प्रतिनिधियों में नरेंद्र यादव, पावन ठाकुर, कमलेश वर्मा, सत्येन्द्र सोनी, हरिशंकर वर्मा, संजय सेन, रोम दास, ओमप्रकाश साल्वा सहित दो दर्जन से अधिक सदस्य शामिल हैं। शुक्रवार देर रात तक चली वार्ता विफल रही, जिसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने दफ्तर में ही रात गुजारी।
श्रमिकों का ऐलान है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। कंपनी प्रबंधन की ओर से इस संवेदनशील मुद्दे पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।