विज्ञान केन्द्र, कवर्धा में आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले की 106 महिलाओं को मशरूम उत्पादन एवं माली कार्यों का सैद्धांतिक व प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रश्मि विजय शर्मा रहीं, जिन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए एवं उन्हें आत्मनिर्भर बनने की शुभकामनाएं दी।
कार्यक्रम में मशरूम की पौष्टिकता, बाजार संभावनाएं और उत्पादन की वैज्ञानिक विधियों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में बताया गया कि न्यूनतम लागत में उत्पादन संभव है, जिसमें प्रति किलो की लागत 15-20 रुपये होती है और बाजार में यह 100-150 रुपये किलो तक बिकता है। प्रशिक्षणार्थियों को धान-गेहूं भूसा, पॉलीथीन बैग, मशरूम बीज जैसे जरूरी संसाधनों की सूची और फसल प्रबंधन की तकनीकी जानकारी भी दी गई।
साथ ही माली प्रशिक्षण के तहत बागवानी, सजावटी व फलदार पौधों की कलम, कटिंग, लेयरिंग जैसी तकनीकों से पौधा तैयार करना, कृषि यंत्रों के संचालन व रख-रखाव जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रमुख डॉ. बी.पी. त्रिपाठी सहित अन्य वैज्ञानिक व अधिकारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में फल व सब्जियों से अचार निर्माण पर आधारित पाम्पलेट का विमोचन भी किया गया।
श्रीमती रश्मि शर्मा ने महिलाओं को सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर आर्थिक व सामाजिक रूप से सशक्त बनने का संदेश दिया और कहा कि मशरूम एक उत्तम प्रोटीन स्रोत होने के साथ मानसिक तनाव को भी कम करता है।