शासकीय स्कूल में बच्चों को कुत्ते का जूठा मध्यान्ह भोजन परोसने के गंभीर मामले में कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग में बड़ी सर्जरी कर दी है। विकासखंड पलारी के लच्छनपुर स्कूल में घटित इस शर्मनाक लापरवाही के लिए दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है, वहीं तीन अन्य शिक्षकों की एक वेतन वृद्धि रोक दी गई है।
घटना 28 जुलाई की है, जब शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला लच्छनपुर में रसोईघर में तैयार भोजन की सब्जी को आवारा कुत्ता जूठा कर गया, इसके बावजूद प्रधान पाठक और रसोइया ने भोजन परोसने से परहेज नहीं किया। मामले की शिकायत दबाने की कोशिश की गई और बच्चों को चुपचाप एंटी रेबीज का टीका तक लगवाया गया। इस मामले में 84 बच्चों की जान से खिलवाड़ किया गया।
प्रारंभिक जांच में स्कूल के प्रभारी प्रधान पाठक नेतराम गिरि और शिक्षक वेदप्रकाश पटेल को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। दोनों को कर्तव्य में घोर लापरवाही और सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन का दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय सिमगा विकासखंड शिक्षा कार्यालय रखा गया है।
वहीं, शिक्षक रविलाल साहू, नेमीचंद बघेल और नामप्यारी ध्रुव को मामले को छिपाने में सहयोग करने का दोषी पाते हुए, उनकी अगली एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी गई है।
शिक्षा व्यवस्था की गरिमा और बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं – कलेक्टर दीपक सोनी
यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही करने वालों पर अब कठोर दंड तय है।