जिले के बोडला विकासखण्ड अंतर्गत एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ गांव की सुरक्षा और प्रशासनिक सूचनाओं का संवाहक माने जाने वाले कोटवार की हत्या कर दी गई। यह घटना प्रशासनिक तंत्र की कानून व्यवस्था पर गम्भीर सवाल खड़े करती है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम भीरा के कोटवार नरेंद्र मानिकपुर की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। यह वीभत्स घटना कल शाम लगभग 6 से 7 बजे के बीच की बताई जा रही है, जब कोटवार खारिया पंचायत के ग्राम मांदीभाटा किसी कार्य से गया हुआ था। वहीं गांव के ही एक बैगा व्यक्ति से विवाद हो गया, जो जानलेवा मारपीट में बदल गया। हमले में कोटवार की मौके पर ही मौत हो गई।
मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान हो गई है और उसे जल्द गिरफ्तार कर कानूनी कार्यवाही की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है। ग्रामीणों में आक्रोश है कि सरकारी कार्य कर रहे कर्मचारियों की जान भी अब सुरक्षित नहीं है।
स्थानीय लोगों ने इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही बताया है। भाजपा शासनकाल में लगातार बढ़ती हिंसक घटनाओं और कमजोर कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष भी हमलावर हो सकता है।
प्रश्न यह उठता है कि जब गांव की सबसे छोटी प्रशासनिक कड़ी कोटवार ही सुरक्षित नहीं है, तो आम ग्रामीण कैसे सुरक्षित रहेंगे ।