धान की फसल रौंदने से किसान परेशान, ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
कवर्धा
घने जंगलों से भटककर एक विशालकाय दंतैल हाथी इन दिनों ग्रामीण इलाकों में आतंक मचा रहा है। अकेला हाथी अपने झुंड से अलग होकर बीते कुछ दिनों से 10-12 गांवों के आसपास घूम रहा है, जिससे किसानों और ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। खेतों में गहरे पैरों के निशान और धान की फसल को हुआ नुकसान देखकर लोग सहमे हुए हैं।
लगातार बदल रहा है ठिकाना
वन विभाग के मुताबिक यह दंतैल हाथी दिन और रात में कई किलोमीटर की दूरी तय कर लोकेशन बदल रहा है। कभी आगर पानी तो कभी दूरस्थ खेतों में उसके होने की सूचना मिल रही है। बीते तीन दिनों में यह हाथी लगभग 60 किलोमीटर का सफर कर चुका है। इस दौरान जहां भी गया, वहां की धान की फसल को नुकसान पहुंचा।
गांव-गांव में मुनादी, सतर्क रहने की हिदायत
ग्रामीण क्षेत्रों में खतरे को देखते हुए वन विभाग ने अलर्ट मोड अपनाया है। मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है। ग्रामीणों से कहा गया है कि हाथी के पास न जाएं, रात में खेतों की रखवाली करने से बचें और किसी भी गतिविधि की तुरंत सूचना वन विभाग को दें।
आगर पानी में पटाखों से भगाया
सोमवार रात को हाथी आगर पानी गांव के पास पहुंच गया था। स्थिति बिगड़ने से पहले ही वन विभाग की टीम ने पटाखे फोड़कर हाथी को वहां से जंगल की ओर खदेड़ दिया। हालांकि, टीम का कहना है कि हाथी पूरी तरह से जंगल में नहीं गया है और अभी भी गांवों के नजदीक घूम रहा है।
वन विभाग की चौकसी
Sdo (वन) के नेतृत्व में एंटी डिप्रेडेशन स्क्वॉड और ट्रैकिंग टीम दिन-रात निगरानी में जुटी है। टीम के पास लोकेशन ट्रैक करने के लिए जीपीएस डिवाइस, वायरलेस सेट और पटाखों का स्टॉक मौजूद है। विभाग की प्राथमिकता है कि हाथी को सुरक्षित तरीके से जंगल की गहराई में पहुंचाया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में उसका आना बंद हो सके।
ग्रामीणों की परेशानी बढ़ी
धान के खेतों में हुए नुकसान से किसान खासे परेशान हैं। कई जगह फसल पूरी तरह रौंदी जा चुकी है। किसानों का कहना है कि अगर हाथी को जल्द नहीं रोका गया तो और अधिक फसल का नुकसान हो सकता है।
सुरक्षा के लिए सुझाव
हाथी से कम से कम 100 मीटर दूरी बनाए रखें
रात में खेतों की रखवाली से बचें
बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थान पर रखें
हाथी की सूचना तुरंत वन विभाग को दे
वन विभाग की अपील
“यह हाथी आक्रामक प्रवृत्ति का है, इसलिए ग्रामीण अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। विभाग पूरी तरह से सक्रिय है और जल्द ही स्थिति को नियंत्रण में लाने का प्रयास किया जा रहा है।”


