आदिवासी अंचलों में सेवा, समर्पण और सुशासन की नई पहल आदि कर्मयोगी अभियान के तहत जिले की 46 आदिवासी बाहुल्य ग्राम पंचायतों में 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक आदि सेवा पखवाड़ा चलाया जाएगा। इस अवधि में विभागीय अधिकारी और कर्मचारी न केवल ग्रामीणों की समस्याओं व शिकायतों का निराकरण करेंगे बल्कि योजनाओं की जानकारी और जागरूकता कार्यक्रम भी संचालित करेंगे।
गुरुवार को आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला में कलेक्टर दीपक सोनी ने ऑनलाइन माध्यम से अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग मिशन मोड में काम करते हुए शासकीय योजनाओं का लाभ शतप्रतिशत पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाएं। कर्मचारियों की फील्ड में सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित हो। जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर विकासखंड और ग्राम स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित करेंगे और स्व-सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।
ग्राम पंचायतों में बनेगा ‘आदि सेवा केंद्र’
कार्यशाला में बताया गया कि चयनित 46 ग्राम पंचायतों में सरपंच-सचिव का ओरिएंटेशन पूरा कर लिया गया है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में आदि सेवा केंद्र स्थापित किया जाएगा, जो शासकीय सेवाओं की प्रदायगी और जनभागीदारी बढ़ाने का केंद्र होगा। चरणबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधि, एनजीओ, स्वयंसेवी संगठन और युवाओं को शामिल किया जाएगा।
तीन स्तर पर होगा अभियान का संचालन
अभियान को तीन स्तर पर लागू किया जाएगा।
1. आदि कर्मयोगी – जिला और ब्लॉक स्तर पर प्रशासनिक अमले से मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे।
2. आदि सहयोगी – ग्राम स्तर पर शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, चिकित्सक, युवा नेता और सामाजिक मुखिया जैसी टीमें बनेंगी जो विकास की ग्राम-स्तरीय रूपरेखा तय करेंगी।
3. आदि साथी – ऐसे हितग्राही होंगे जिन्हें शासन की योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
कलेक्टर ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य जनजातीय अंचलों में शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। यह पहल जनजातीय कार्य मंत्रालय की ओर से सेवा, समर्पण और सुशासन की भावना के साथ की जा रही है।
अधिकारी ऑनलाइन जुड़े
जिला स्तरीय कार्यशाला में डीएफओ गणवीर धम्मशील, सीईओ जिला पंचायत दिव्या अग्रवाल समेत विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी और जनपद सीईओ ऑनलाइन जुड़े।