कवर्धा , जिले में नशे और अवैध दवा कारोबार पर लगाम कसने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह (IPS) के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेंद्र बघेल के निर्देशन तथा एसडीओपी श्री भूपत धनेश्री के पर्यवेक्षण में थाना पंडरिया पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।
सटीक मुखबिर सूचना और लगातार निगरानी के बाद पुलिस ने सूरज सोनी (40 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 09, बैरासिन चौक पंडरिया को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से Nrx Alprazolam Tablets (ALPRASCEN-0.5mg) के कुल 3000 नग (लगभग 480 ग्राम) बरामद किए, जिनकी कीमत करीब 7200 रुपये आंकी गई है। यह दवा एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रतिबंधित श्रेणी में आती है और नशे के रूप में इसका दुरुपयोग किया जाता है।
आरोपी के खिलाफ थाना पंडरिया में अपराध क्रमांक 197/2025 धारा 21 (सी) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायालयीन कार्रवाई की गई तथा आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी पंडरिया निरीक्षक नितिन तिवारी, साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक मनीष मिश्रा, उप निरीक्षक ज्ञान सिंह कोरेटी, सहायक उप निरीक्षक मानिक राम सिन्हा, प्रधान आरक्षक हरिश्चंद्र साहू, साइबर सेल के चुम्मन साहू, वैभव सिंह कल्चुरी, अभिनव तिवारी, आरक्षक नारायण पटेल, संदीप शुक्ला, अभिषेक शर्मा, ओम प्रकाश, राजा राम, हुकुम माथुर तथा महिला आरक्षक रतनी मरावी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक ने मेडिकल संचालकों और पदाधिकारियों की बैठक लेकर सख्त चेतावनी दी कि यदि किसी भी मेडिकल में अवैध रूप से नशीली दवाओं का भंडारण या बिक्री पाई गई तो कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि –
👉 नशे और बाल अपराध की जड़ें आपस में जुड़ी हैं।
👉 नशे का अवैध कारोबार न केवल समाज को खोखला करता है, बल्कि बच्चों और युवाओं को अपराध की तरफ धकेलता है।
👉 कबीरधाम पुलिस इस गंदे धंधे की हर कड़ी तक पहुंचेगी और आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे ही अंतिम ठिकाना मिलेगा।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि आसपास कोई व्यक्ति नशीले पदार्थों का कारोबार करता है या बच्चों व युवाओं को इस गंदे धंधे में धकेलने की कोशिश करता है, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। हर सूचना पर त्वरित और ठोस कार्रवाई की जाएगी।
कबीरधाम पुलिस का साफ संदेश – नशे और बाल अपराध में लिप्त लोगों के लिए जेल ही अंतिम मंजिल है।