वन्य जीव और वन संपदा की सुरक्षा को लेकर छत्तीसगढ़ लगातार सख्त कदम उठा रहा है। इसी क्रम में कवर्धा वनमण्डल ने वन अपराध प्रकरणों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया।
वनमण्डल अधिकारी निखिल अग्रवाल के निर्देशन और सेवानिवृत्त उपवनमण्डलाधिकारी जितेन्द्र ठाकुर के मार्गदर्शन में काष्ठागार हॉल, कवर्धा में यह प्रशिक्षण संपन्न हुआ। इसमें देशभर के वन अपराध निवारण तंत्र को मजबूती देने वाले प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की गई।
श्री ठाकुर ने वन अपराध दर्ज करने की कानूनी प्रक्रिया, स्थल पर अभिलेख संधारण, केस डायरी की बारीकियां, जप्ती और बेदखली की कार्रवाई जैसे विषयों पर अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। साथ ही, छत्तीसगढ़ काष्ठ चिरान अधिनियम, वन उपज व्यापार विनियमन नियम, बढ़ईगिरी पंजीयन और आरामशीन की जांच जैसे तकनीकी पहलुओं को विस्तार से समझाया।
कार्यक्रम में यह स्पष्ट किया गया कि वन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण केवल कानूनी प्रावधानों के अनुपालन से ही संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए फील्ड स्तर पर त्वरित, सटीक और पारदर्शी कार्रवाई आवश्यक है।
इस अवसर पर उपवनमण्डलाधिकारी, एस.सी.एफ.ओ., सी.एफ.ओ., बी.एफ.ओ. एवं चयनित प्रशिक्षु वनक्षेत्रपाल भी सक्रिय रूप से शामिल हुए और वन अपराधों से निपटने की नई तकनीक और दृष्टिकोण अपनाने की प्रतिबद्धता जताई।