खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का खरीदी की तैयारियां जिला प्रशासन ने युद्ध स्तर पर शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में गुरुवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में नोडल अधिकारियों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया।
कलेक्टर दीपक सोनी ने प्रशिक्षण सत्र में नोडल अधिकारियों को उनके कार्यों और दायित्वों की विस्तृत जानकारी देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि अवैध धान परिवहन और बिचौलियों पर सख्त निगरानी रखी जाए। किसी भी समिति में बाहरी या अवैध धान खपाने का प्रयास करने वालों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र की समितियों में आने वाले गांवों के संदिग्ध व्यक्तियों और बिचौलियों की सूची तैयार करें, ताकि धान खरीदी के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके। धान खरीदी के समय कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजस्व एवं पुलिस विभाग से भी समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने बताया कि जिले में 12 जांच नाके स्थापित किए गए हैं, जिन्हें शीघ्र सक्रिय कर वहां कर्मचारियों की नई ड्यूटी लगाई जाएगी। प्रत्येक नाके पर पंजी संधारित कर प्रतिदिन की कार्यवाही की रिपोर्ट जिला कार्यालय को भेजनी होगी।
उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों में उपयोग होने वाले बरदाने गुणवत्तापूर्ण हों तथा स्टैकिंग का कार्य व्यवस्थित ढंग से किया जाए। साथ ही, जिला स्तर पर कंट्रोल रूम एवं संपर्क केंद्र को सक्रिय करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
इस वर्ष धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने हेतु एग्रीस्टेक पंजीयन, डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं फिजिकल वेरिफिकेशन आधारित खरीदी की जाएगी। अब तक जिले में 1 लाख 55 हजार किसानों का पंजीयन पूरा हो चुका है, जबकि लगभग 2372 किसान शेष हैं। इन किसानों का पंजीयन अगले दो दिनों में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने ग्रामसभा के दौरान प्राप्त दावा-आपत्ति के निराकरण में फिजिकल वेरिफिकेशन एप से सत्यापन और ऑनलाइन एंट्री के बाद सूची को ग्राम पंचायत भवन में चस्पा करने को कहा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला खाद्य अधिकारी पुनीत वर्मा, उप पंजीयक सहकारिता उमेश गुप्ता, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के नोडल अधिकारी, जिला विपणन अधिकारी सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य बिंदु:
अवैध धान परिवहन व बिचौलियों पर सख्त निगरानी
12 जांच नाके होंगे सक्रिय, प्रतिदिन की रिपोर्ट अनिवार्य
गुणवत्तापूर्ण बरदाना व व्यवस्थित स्टैकिंग के निर्देश
1.55 लाख किसानों का पंजीयन पूर्ण, 2372 शेष
एग्रीस्टेक पंजीयन, डिजिटल क्रॉप सर्वे व फिजिकल वेरिफिकेशन आधारित खरीदी