शासकीय नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं को झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने रेलवे विभाग में नियुक्ति दिलाने का फर्जी भरोसा देकर ₹4,90,500 की ठगी को अंजाम दिया था।
मामला तब उजागर हुआ जब ग्राम बरेली निवासी प्रार्थी नंदकुमार साहू ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उन्होंने छात्रावास अधीक्षक पद के लिए जिला बस्तर में आवेदन किया था, वहीं उनके मित्र अजीत कुमार ने पुलिस मुख्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर पद के लिए आवेदन किया था। इसी दौरान 22 मार्च 2024 को दो व्यक्तियों ने उनसे संपर्क कर शासकीय नौकरी पक्की कराने का लालच दिया।
आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि उनकी सेटिंग ऊपर तक है और दोनों की नौकरी सुनिश्चित है। कुछ ही दिनों बाद उन्होंने रेलवे विभाग में नियुक्ति होने का दावा करते हुए फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिए। सरकारी मोहर और हस्ताक्षर से सजे दस्तावेज इतने भरोसेमंद दिखाए गए कि दोनों युवक झांसे में आ गए और किस्तों में कुल ₹4,90,500 आरोपियों को दे दिए।
जब जॉइनिंग की तारीख नजदीक आई और विभागीय स्तर पर कोई पुष्टि नहीं हुई तो युवकों को संदेह हुआ। जांच पड़ताल में नियुक्ति पत्र फर्जी निकले। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
शिकायत पर अपराध क्रमांक 281/2024 के तहत धारा 420, 467, 468, 471, 120बी, 34 भादवि के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों ने नौकरी लगाने के नाम पर रकम लेने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने की बात स्वीकार की।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया पूरी की। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा है कि बेरोजगारी का फायदा उठाकर ठगी करने वाले गिरोह सक्रिय हैं और युवाओं को सावधान रहने की आवश्यकता है।
थाना – पुलिस चौकी गिरौदपुरी
आरोपी – नरेंद्र मनहर (44 वर्ष) निवासी ग्राम तालदेवरी, थाना बिर्रा, जिला जांजगीर-चांपा एवं कुनाल उर्फ हीरा दिवाकर निवासी ग्राम तालदेवरी, थाना बिर्रा, जिला जांजगीर-चांपा