BP NEWS CG
छत्तीसगढ़बड़ी खबरसमाचारसिटी न्यूज़

हाथी के हमले में बुजुर्ग ग्रामीण की मौत — चेतावनी के बावजूद बढ़ा कदम, बन गया ‘जंगल का शिकार’!

Flex 10x20 new_1
previous arrow
next arrow
अभ्यारण्य क्षेत्र में दर्दनाक घटना, वन विभाग ने परिजनों को दी ₹25,000 की तात्कालिक सहायता

 

 

छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध बारनवापारा अभ्यारण्य क्षेत्र में बुधवार शाम एक दर्दनाक घटना ने फिर मानव-हाथी संघर्ष का भयावह रूप सामने ला दिया। ग्राम हरदी निवासी कनकु राम (68 वर्ष) की मौत एक लोनर हाथी के हमले में हो गई।
जानकारी के अनुसार, मृतक अपने खेत की रखवाली के लिए जा रहे थे, तभी कक्ष क्रमांक 108 के पास डीके जक्शन बेरियर क्षेत्र में यह हादसा हुआ। बेरियर पर तैनात चौकीदार नंद कुमार ध्रुव ने पहले ही उन्हें आगे न बढ़ने की चेतावनी दी थी, क्योंकि क्षेत्र में एक एकल हाथी का मूवमेंट चल रहा था। लेकिन चेतावनी को अनदेखा करना घातक साबित हुआ।
कुछ ही मिनटों में हाथी ने बुजुर्ग पर हमला कर दिया। वन विभाग की टीम और हाथी मित्र दल मौके पर पहुंचा, घायल को तत्काल पिथौरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
वन विभाग ने मृतक के परिजनों को ₹25,000 की तात्कालिक सहायता राशि प्रदान की है तथा आसपास के ग्रामों में मुनादी कर ग्रामीणों को चेताया गया है।
वन अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में हाथियों की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। गश्ती दल सतर्क हैं और ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे हाथियों के करीब न जाएं, सतर्क रहें और सूचना तुरंत वन विभाग को दें।
“हाथी से दूरी ही सुरक्षा है — एक गलती बन सकती है जानलेवा!”
ग्रामीण क्षेत्रों में बार-बार हो रहे हाथी हमलों ने वन-मानव संघर्ष पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। अब वक्त आ गया है कि ग्रामीण जागरूकता और वन विभाग की सतर्कता दोनों में तालमेल लाया जाए, वरना हर बार नुकसान ‘इंसान’ का ही होगा।

IMG-20250710-WA0006
previous arrow
next arrow

Related posts

भीषण गर्मी में आंगनवाड़ी केन्द्र का भी हो छुट्टी : सोनिया 

Bhuvan Patel

पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में बैगा आदिवासी किसानों को कृषि व सिंचाई हेतु पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने का उठाया मुद्दा, आदिवासी संस्कृति के संरक्षण एवं किसान हित में भी पूछा प्रश्न

Bhuvan Patel

नए भारत के निर्माण की राह दिखाने वाले पंडित दीनदयाल : भावना बोहरा

Bhuvan Patel

Leave a Comment

error: Content is protected !!