वनमंडल के अर्जुनी परिक्षेत्र में वन्यप्राणी गौर (बायसन) के करेंट लगाकर शिकार किए जाने की घटना के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है। इस गंभीर घटना में लापरवाही बरतने पर वनमंडलाधिकारी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वनरक्षक प्रेमचंद धृतलहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, अर्जुनी क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण को लेकर सतर्कता और निगरानी बनाए रखने की जिम्मेदारी संबंधित वनरक्षक पर थी, लेकिन अवैध गतिविधियों को रोकने में अपेक्षित सतर्कता न बरतने के कारण यह कार्रवाई की गई।
वनमंडलाधिकारी बलौदा बाजार ने आदेश जारी करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत प्रेमचंद धृतलहरे को निलंबित किया गया है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, गौर के शिकार की घटना में अन्य संबंधित व्यक्तियों की भी जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर आगे की कठोर कार्रवाई की जाएगी।