कवर्धा जिले के हाथीडोब में लाखों रुपये की लागत से निर्मित आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप स्वास्थ्य केंद्र) आज अपनी उपेक्षा की मार झेल रहा है। स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की मंशा से बनी यह नवीन इमारत निर्माण के एक वर्ष बाद भी विभाग को हस्तांतरित नहीं की गई है।
हस्तांतरण में लापरवाही का नतीजा यह है कि जंगली जानवरों और असामाजिक तत्वों ने इस भवन को नुकसान पहुँचाना शुरू कर दिया है। परिसर में लगी टिन शेड और बाउंड्री की स्थिति जर्जर हो चुकी है, जिससे भवन की सुंदरता और उपयोगिता दोनों पर असर पड़ा है।
स्वास्थ्य केंद्र में वर्तमान में CHO, RHO और द्वितीय ANM पदस्थ हैं, परंतु कर्मचारियों के लिए ऊपर बने आवास होने के बावजूद वे मुख्यालय में निवास न कर कवर्धा से आना-जाना करते हैं। इसका सीधा असर सेवाओं की नियमितता पर पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि भवन शीघ्र विभाग को हस्तांतरित नहीं किया गया और कर्मचारियों की मुख्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित नहीं की गई, तो करोड़ों की सरकारी योजना का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा।
जनता की मांग:
प्रशासन तत्काल भवन का हस्तांतरण कर स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रूप से शुरू करे और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।