बलौदाबाजार। जिला मुख्यालय से महज 12 से 15 किलोमीटर दूर स्थित केसला गांव इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यहां अंधविश्वास और आस्था के मेल में ऐसा माहौल बना कि पूरा गांव 24 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है।
गांव के हर रास्ते पर बांस-बल्लियों से बैरिकेड लगाकर आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है। ग्रामीणों ने बाहरी लोगों के प्रवेश पर भी सख्त रोक लगा दी है। बताया जा रहा है कि गांव के भीतर “बंधन” यानी तंत्र-मंत्र का कार्य चल रहा है, जिसके चलते किसी को भी अंदर आने-जाने की अनुमति नहीं है।
गांव में आज स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र तक बंद रखे गए हैं। यह पूरा घटनाक्रम लोगों में अंधविश्वास और जागरूकता के बीच टकराव का प्रतीक बन गया है।
प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर 21वीं सदी में भी गांव अंधविश्वास के साए में क्यों जी रहा है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस “आस्था बनाम अंधविश्वास” के मामले पर क्या रुख अपनाता है।