कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने गुरुवार को प्राथमिक शाला खूंटू का औचक निरीक्षण कर स्कूल व्यवस्था की हकीकत जानी। जब उन्होंने बच्चों से मिड डे मील (मध्याह्न भोजन) के बारे में पूछा, तो बच्चों ने बताया कि उन्हें मीनू अनुसार भोजन नहीं मिला — सिर्फ दाल-चावल और आचार दिया गया।
यह सुनते ही कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई और प्रधानपाठक को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए। उन्होंने साफ कहा —
“बच्चों के पोषण से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मीनू के अनुसार पौष्टिक भोजन ही मिलना चाहिए, नहीं तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय है।”
कलेक्टर वर्मा ने शिक्षकों से कहा कि बच्चों की पढ़ाई के साथ उनका सर्वांगीण विकास भी जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि स्कूलों में नियमित कक्षाएं चलें और बच्चों को खेल व ज्ञानवर्धक गतिविधियों से जोड़ा जाए।
इस निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री एफ.आर. वर्मा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
आंगनबाड़ी में भी दिखाई सख्ती
कलेक्टर वर्मा ने खूंटू की आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों से बातचीत कर पोषण आहार की गुणवत्ता पर सवाल पूछे और परिसर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि “आंगनबाड़ी बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण का पहला आधार है, इसमें लापरवाही अस्वीकार्य है।”
कलेक्टर ने सरपंच को निर्देश दिए कि केंद्र के मरम्मत योग्य कार्यों को पंचायत के माध्यम से तत्काल सुधारा जाए।
मतदाता पुनरीक्षण कार्य पर भी दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर वर्माजी ने बीएलओ से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की प्रगति पूछी और कहा कि मतदाता सूची के फॉर्म को ऑनलाइन अपलोड करने में तेजी लाएं।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्वाचन आयोग द्वारा तय समयसीमा में डिजिटाइजेशन कार्य हर हाल में पूरा होना चाहिए।