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दामाखेड़ा में कबीर सागर का निर्माण अधर में! 10 एकड़ का भव्य प्रोजेक्ट 50% भी पूरा नहीं

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 कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा में विकसित किया जा रहा 10 एकड़ का कबीर सागर धार्मिक एवं पर्यटन परियोजना इन दिनों सुर्खियों में है, जिसका भूमि पूजन तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 17 मार्च 2022 में किया था लेकिन वजह सकारात्मक नहीं है ,22.43 करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे इस भव्य प्रोजेक्ट की रफ्तार गंभीर चिंताओं को जन्म दे रही है।
मिली जानकारी सरोवर के चारों तरफ बनाई जा रही मजबूत वाल, लगभग 200 फीट लंबे चारों तरफ चार घाट, और सरोवर के मध्य स्थापित की जाने वाली 51 फीट ऊँची कबीर साहेब की अष्टधातु प्रतिमा—इन सभी प्रमुख संरचनाओं को लेकर बड़ी उम्मीदें थीं। प्रतिमा तक पहुंचने के लिए 7 मीटर चौड़ा और 25 मीटर लंबा आधुनिक ब्रिज भी प्रस्तावित है, जो इस धार्मिक स्थल को अनोखा स्वरूप देगा।
लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी कहती है। निर्माण कार्य की गति कछुए की चाल से भी धीमी बताई जा रही है। स्थानीय सूत्रों और स्थल निरीक्षण से मिली जानकारी के अनुसार, वर्तमान समय तक प्रोजेक्ट का 50 प्रतिशत कार्य भी पूरा नहीं हो पाया है।
बलौदा बाजार के दामाखेड़ा में स्थित यह पवित्र स्थल न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि देश–विदेश के करोड़ों कबीर पंथ अनुयायियों की आस्था का केंद्र है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहाँ दर्शन और सत्संग के लिए पहुँचते हैं। ऐसे में कबीर सागर का अधूरा निर्माण आस्था पर सीधा आघात माना जा रहा है।
कई अनुयायियों ने चिंता जताते हुए कहा कि परियोजना की धीमी गति से उनकी उम्मीदें टूट रही हैं। यदि प्रशासन और संबंधित एजेंसी समयसीमा में तेजी नहीं लाती, तो यह बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट और अधिक विलंबित हो सकता है।
स्थानीय नागरिकों, संत–महात्माओं और कबीरपंथी समाज ने मांग की है कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, समयबद्ध कार्रवाई हो और प्रोजेक्ट को प्राथमिकता सूची में रखकर शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि भव्य कबीर सागर अपनी पूर्ण दिव्यता के साथ स्वरूप ले सके।

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