चीतल के अवैध शिकार से जुड़े महत्वपूर्ण प्रकरण में लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को वन विभाग ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह सफलता वनमण्डलाधिकारी के निर्देशानुसार चलाए जा रहे सतत गश्ती अभियान, स्थानीय सूचना तंत्र और सघन निगरानी का परिणाम है।
जानकारी के अनुसार, 24 अगस्त 2025 को अर्जुनी परिक्षेत्र में चीतल के अवैध शिकार का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें शामिल चार आरोपियों में से दो को घटना के दिन ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। शेष दो आरोपी—श्रीधर वल्द मंगल सिंह बरिसा और अनिल वल्द चमार सिंह बरिहा—लगातार फरार थे, जिनकी पतासाजी अर्जुनी टीम द्वारा की जा रही थी। वन विभाग ने 19 व 22 नवम्बर को दोनों फरार आरोपियों को पकड़कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूर्ण करते हुए जिला जेल बलौदाबाजार में दाखिल करा दिया।
वनमण्डलाधिकारी बलौदा बाजार धम्मशील ने टीम की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि वन्यजीव संरक्षण में ऐसी कड़ी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि अवैध शिकार, फंदा लगाना या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी वन परिक्षेत्र को दें, ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।