जिला अस्पताल कबीरधाम में मॉडल आपदा प्रबंधन योजना के सशक्त और व्यवहारिक क्रियान्वयन की दिशा में स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ के सहयोग से महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य एवं संभाग स्तर पर हुए हेल्थ सिस्टम इमरजेंसी प्रिपेयर्डनेस प्रशिक्षण के आधार पर कबीरधाम जिला उन 7 चयनित जिलों में शामिल है, जहाँ अस्पताल आपदा प्रबंधन समिति गठित की गई है।
योजना को धरातल पर उतारने के लिए यूनिसेफ द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ श्रीमती वंदना चौहान को तकनीकी मार्गदर्शन हेतु जिलों के भ्रमण पर भेजा गया है, जो अस्पतालों को हैंडहोल्डिंग और आवश्यक सहयोग प्रदान कर रही हैं। जिला अस्पताल कबीरधाम में संपूर्ण प्रक्रिया सिविल सर्जन डॉ. केशव कुमार ध्रुव के नेतृत्व में निरंतर संचालित की जा रही है।
इसी क्रम में जिला अस्पताल परिसर में एक बहु-विभागीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें फायर विभाग, विद्युत विभाग और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में अस्पताल की आपातकालीन तैयारी, अग्नि सुरक्षा प्रणाली, विद्युत सुरक्षा, भवन की संरचनात्मक मजबूती तथा आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र पर विस्तार से चर्चा हुई। सभी विभागों द्वारा सामूहिक प्रयासों को और बेहतर बनाने पर सहमति व्यक्त की गई, ताकि आपदा प्रबंधन प्रणाली और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बन सके।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.के. तुर्रे, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सलिल मिश्रा, आर.एम.ओ. डॉ. जितेंद्र वर्मा, चिकित्सा अधिकारी डॉ. हर्षित टुवानी सहित अस्पताल के अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं यूनिसेफ स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेन्द्र सिंह ने भी तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
इस पहल से जिला अस्पताल कबीरधाम की आपदा प्रबंधन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे भविष्य में किसी भी आपदा या आपात स्थिति का प्रभावी, सुरक्षित और त्वरित ढंग से सामना किया जा सकेगा।