जमीन बिक्री के नाम पर 50 लाख रुपये की सुनियोजित ठगी करने वाले गिरोह पर भाटापारा शहर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। फर्जी आधार कार्ड और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे जमीन का सौदा दिखाकर रकम हड़पने का यह मामला अब पूरी तरह उजागर हो चुका है।
मामले के अनुसार प्रार्थी राधेश्याम आर्य, निवासी संतकंवर राम वार्ड, भाटापारा को आरोपियों ने ग्राम सांकरा में बिकाऊ जमीन होने का झांसा दिया। नक्शा व दस्तावेज दिखाकर भाटापारा में बैठक की गई और 68 लाख रुपये प्रति एकड़ के भाव से सौदा तय किया गया। इकरारनामा निष्पादित कर प्रार्थी से 50 लाख रुपये बयाना के रूप में ले लिए गए।
बाद में जब प्रार्थी ने 10–11 मार्च 2025 को अपने स्तर पर जांच की, तो सामने आया कि उक्त जमीन का कोई वैध सौदा हुआ ही नहीं है। आरोपियों ने फर्जी व कूटरचित दस्तावेज तैयार कर षड्यंत्रपूर्वक रकम हड़पने के उद्देश्य से यह पूरा खेल रचा था।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना भाटापारा शहर में अपराध क्रमांक 377/2025 दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पूर्व में एक आरोपी लक्ष्मण चौहान की गिरफ्तारी के बाद अन्य आरोपी फरार थे।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता के निर्देशन में थाना भाटापारा शहर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, पूछताछ और परिस्थितिजन्य प्रमाणों के आधार पर फरार चल रहे तीन आरोपियों—जनार्दन नेताम, रमन लाल नादिया और सुनील अग्रवाल—को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने योजना बनाकर फर्जी आधार कार्ड व अन्य दस्तावेजों के माध्यम से जमीन खरीदी-बिक्री के नाम पर धोखाधड़ी करना स्वीकार किया।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को 02 जनवरी 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे भी जांच जारी है और ठगी से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।