ग्रामीण विकास, आजीविका संवर्धन और आवास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयुक्त सह संचालक श्री तारन प्रकाश सिन्हा ने जिले के बिरकोना, लोखान और वनांचल ग्राम कमराखोल का विस्तृत मैदानी निरीक्षण किया। यह दौरा सरकार की उन प्राथमिकताओं को रेखांकित करता है, जिनमें विशेष रूप से दूरस्थ और विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में विकास कार्यों की पारदर्शी और समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करना शामिल है।
प्रधानमंत्री आवास और अमृत सरोवर—जमीन पर दिखा विकास का प्रभाव बिरकोना में प्रधानमंत्री आवास और अमृत सरोवर निर्माण की समीक्षा करते हुए श्री सिन्हा ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आवास, जल संरक्षण और वृक्षारोपण—ग्रामीण क्षेत्रों के दीर्घकालिक विकास की तीन महत्वपूर्ण कड़ियाँ हैं।
कमराखोल: बैगा समुदाय के जनमन आवासों का निरीक्षण, आजीविका गतिविधियों पर विशेष जोर वनांचल ग्राम कमराखोल में बैगा समुदाय के लिए बन रहे जनमन आवास का निरीक्षण करते हुए उन्होंने लाभार्थियों — झिमलाल, सुनऊराम धुर्वे, कुंवारिया बाई बैगा आदि से सीधी बातचीत की। उन्होंने मजदूरी भुगतान, निर्माण राशि, जॉब कार्ड और मनरेगा कार्यों की पारदर्शिता की विस्तृत जानकारी ली। पशुपालन को आजीविका के मजबूत विकल्प के रूप में रेखांकित करते हुए उन्होंने हितग्राहियों को मुर्गी शेड, पशुधन आधारित कार्य और मनरेगा से छोटे व्यवसाय शुरू करने के अवसरों पर मार्गदर्शन दिया।
बिहान महिला समूह—विकास की रीढ़ बनता स्थानीय मॉडल सीईओ जिला पंचायत अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि वनांचल क्षेत्रों में निर्माण सामग्री उपलब्ध कराने के लिए बिहान डीलर दीदियां सक्रिय हैं, जिससे ग्रामीणों को उचित दर पर सामग्री मिल रही है और महिला समूहों की आजीविका भी मजबूत हो रही है।
कमराखोल की डीलर दीदियों ने आयुक्त को बताया कि उनके समूह ने सेंट्रिक प्लेट व्यवसाय से 10 हजार से अधिक का व्यापार किया है और वे आसपास के गांवों को नियमित सामग्री उपलब्ध करा रही हैं — यह ग्रामीण महिला उद्यमिता का मजबूत उदाहरण बन रहा है।
डबरी निर्माण एवं मछली पालन—स्थायी आजीविका की ओर बड़ा कदम ग्राम खामी में डबरी निर्माण व मछली पालन का निरीक्षण करते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि जलस्रोत आधारित आजीविका गतिविधियाँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।
चौपाल में सीधी संवाद—सरकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानी कमराखोल में आयोजित चौपाल में उन्होंने ग्रामीणों से सीधी बातचीत की और प्रधानमंत्री आवास, शौचालय निर्माण, पशुपालन, वृक्षारोपण, शूकर पालन, मछली पालन और महिला समूह आधारित आजीविका के अवसरों पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा से स्व-रोजगार आधारित गतिविधियों को स्वीकृत कर ग्रामीण परिवारों की आय दोगुनी करने की दिशा में तेजी लाई जाए।
निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, अधिकारी एवं महिला समूह सदस्य उपस्थित रहे। यह प्रवास वनांचल क्षेत्र में टिकाऊ आवास, आजीविका संवर्धन और समुदाय सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति का स्पष्ट संकेत है।