छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं, पर्यटन स्थलों के विकास तथा उत्कृष्ट खिलाड़ियों को प्रोत्साहन से जुड़े अहम मुद्दों को सदन में प्रभावी ढंग से उठाया।
विधायक बोहरा ने प्रदेश के सबसे बड़े शासकीय अस्पताल डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) में जांच सुविधाओं की स्थिति पर सवाल करते हुए पूछा कि एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्स-रे, सोनोग्राफी जैसी प्रमुख मशीनें लंबे समय से बंद क्यों हैं और निजी लैब में जांच कराने पर बीपीएल व आयुष्मान कार्डधारकों को प्रतिपूर्ति क्यों नहीं दी जा रही। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने लिखित जवाब में बताया कि कई मशीनें अपनी निर्धारित आयु पूर्ण कर चुकी हैं, इस कारण बंद हैं, जबकि बीपीएल व आयुष्मान कार्डधारकों को अस्पताल में उपलब्ध जांच निःशुल्क कराई जाती है, बाहर की जांच की प्रतिपूर्ति का प्रावधान नहीं है।
रिएजेंट किट्स की कमी को लेकर भावना बोहरा ने कबीरधाम जिले सहित प्रदेश के शासकीय अस्पतालों की स्थिति पर सवाल उठाए। मंत्री ने स्वीकार किया कि जिला चिकित्सालय कबीरधाम सहित पंडरिया, बोड़ला, लोहारा, झलमला और पिपरिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में किट्स की कमी है और मांग के अनुरूप आपूर्ति की प्रक्रिया जारी है, साथ ही 10 प्रतिशत बफर स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पर्यटन विकास पर सवाल के जवाब में विभागीय मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में 9707.63 लाख रुपये पर्यटन स्थलों के विकास पर खर्च किए गए हैं, जबकि पर्यटन से 40.67 करोड़ रुपये की आय हुई है। नई पर्यटन नीति तैयार की जा रही है और PPP मॉडल पर फिल्म सिटी व ट्राइबल कल्चरल कन्वेंशन सेंटर जैसे प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं।
वहीं उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी और सुविधाओं पर पूछे गए प्रश्न के जवाब में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि वर्तमान नीति के तहत तृतीय व चतुर्थ श्रेणी में नियुक्ति का प्रावधान है, लेकिन पिछले पांच वर्षों में खेल विभाग के अंतर्गत किसी भी उत्कृष्ट खिलाड़ी को सरकारी नौकरी नहीं दी गई है।
विधायक भावना बोहरा ने सभी मुद्दों पर सरकार से ठोस सुधारात्मक कदम उठाने और जनता को बेहतर स्वास्थ्य, पर्यटन व खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।