छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की चमक के पीछे मजदूरों के भविष्य से खिलवाड़ की गंभीर तस्वीर सामने आई है। बलौदाबाजार जिले के सोनाडीह क्षेत्र स्थित न्युवोको सीमेंट प्लांट पर काम करने वाले 79 कर्मचारियों ने प्रबंधन पर पीएफ राशि काटकर जमा नहीं करने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले से नाराज कर्मचारियों ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर से शिकायत की है।
कर्मचारियों का कहना है कि उनके वेतन से हर महीने पीएफ की कटौती नियमित रूप से की जा रही है, लेकिन जब वे अपने पीएफ खाते की जांच करते हैं, तो पिछले 9 महीनों से कोई भी राशि जमा नहीं दिखाई देती। यानी पैसा वेतन से काटा गया, लेकिन कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते तक पहुंचा ही नहीं।
कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार
मंगलवार को सभी कर्मचारी एकजुट होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। हाथों में आवेदन और चेहरे पर चिंता साफ दिख रही थी। कर्मचारियों ने मांग की कि जिला प्रशासन इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करे और कंपनी प्रबंधन को निर्देश दे कि लंबित पीएफ राशि तुरंत जमा कराई जाए।
आवेदन में कर्मचारियों ने साफ लिखा है कि
वे न्युवोको सीमेंट प्लांट सोनाडीह में कार्यरत हैं
9 महीनों से पीएफ जमा नहीं किया गया
यह श्रम कानूनों का सीधा उल्लंघन है
इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों का भविष्य खतरे में है
एचआर तक बात पहुंची, लेकिन सिर्फ आश्वासन
कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने यह मुद्दा कई बार एचआर विभाग और संबंधित एचओडी के सामने उठाया। मौखिक और लिखित शिकायतें भी की गईं, लेकिन हर बार सिर्फ “जल्द ठीक हो जाएगा” का भरोसा मिला।
“9 महीने बीत गए, लेकिन हालात जस के तस हैं। अब भरोसा टूट चुका है।”
— जशवंत रात्रे, कर्मचारी
पीएफ नहीं तो भविष्य नहीं
कर्मचारियों का दर्द साफ झलकता है—
“पीएफ हमारी कमाई का वो हिस्सा है, जो बीमारी, बच्चों की पढ़ाई, शादी और रिटायरमेंट में सहारा बनता है। जब वही पैसा नहीं मिलेगा, तो सुरक्षा कैसी?”
— उत्तम कुमार ध्रुव, कर्मचारी
आंदोलन की चेतावनी, कानूनी कार्रवाई के संकेत
कलेक्ट्रेट पहुंचे कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे श्रम विभाग और उच्च अधिकारियों के पास जाएंगे और जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी करेंगे।
श्रम विशेषज्ञों के अनुसार, वेतन से पीएफ काटकर समय पर जमा न करना गंभीर अपराध है। यह कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम का उल्लंघन है, जिसमें जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
प्रबंधन की चुप्पी बढ़ा रही संदेह
इस पूरे मामले में न्युवोको सीमेंट प्लांट सोनाडीह प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। कर्मचारियों का कहना है कि प्रबंधन की चुप्पी उनके डर और गुस्से को और बढ़ा रही है।
अब बड़ा सवाल यह है—
क्या प्रशासन मजदूरों के हक की रक्षा करेगा,
या पीएफ के नाम पर की गई यह कटौती यूं ही दबा दी जाएगी?