वृक्षो देवो भव की भावना और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से भारत माता सेवा ट्रस्ट अर्जुनी द्वारा ग्राम अर्जुनी के नवातालाब परिसर में लगभग 800 फलदार पौधों का रोपण कर एक अनुकरणीय पर्यावरणीय मॉडल विकसित किया गया है। यह पहल केवल वृक्षारोपण तक सीमित न रहकर जल संरक्षण, तापमान नियंत्रण, स्वच्छ पर्यावरण और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में ठोस कदम बनकर उभरी है।
भारत माता सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष सम्माननीय टेसूलाल धुरंधर के मार्गदर्शन में किए गए इस अभियान में पौधों की सुरक्षा हेतु तार फेंसिंग, पानी टंकी निर्माण, मोटर पंप व पाइपलाइन के माध्यम से नियमित सिंचाई की स्थायी व्यवस्था की गई है। साथ ही मटके में छेद कर बूंद-बूंद सिंचाई प्रणाली अपनाई गई, जिससे न्यूनतम जल उपयोग में पौधों को दो से तीन दिन तक पर्याप्त नमी मिल सके—इस नवाचार की अतिथियों ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
इस हरित पहल को प्रोत्साहित करने हेतु माननीय प्रांत संघचालक डॉ. टोपलाल वर्मा, संत शिरोमणि देवकर साहेब तथा बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा ने स्थल पर पहुंचकर स्वयं वृक्षारोपण किया। संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर पंच परिवर्तन के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण को व्यवहारिक रूप देते हुए, इस परिसर को ‘संघ शताब्दी वर्ष उद्यान’ का नाम माननीय प्रांत संघचालक द्वारा भारत माता सेवा ट्रस्ट व स्थानीय कार्यकर्ताओं की सहमति से प्रदान किया गया।
यह उद्यान भविष्य में कार्बन संतुलन, फल उत्पादन में आत्मनिर्भरता, जल संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता का जीवंत केंद्र बने—इसी उद्देश्य के साथ इस परियोजना को प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर के लिए प्रेरणास्रोत के रूप में विकसित किया जा रहा है।
इस अवसर पर खंड संघचालक तुलाराम वर्मा, जिला कार्यवाह शालीन साहू, भारत माता सेवा ट्रस्ट के सदस्य, पूर्व सरपंच प्रमोद सांखला, डमरूधर वर्मा, चिंतामणि साहू, नीरज परगनिहा, ईशान वैष्णव, मंडल अध्यक्ष रवि वर्मा, डोमन लाल वर्मा, सौरभ ध्रुव, सचिन सेन, त्रिलोक यादव, गंगाप्रसाद यदू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।