रायपुर/बलौदाबाजार। श्री सदगुरु कबीर धर्मदास वंशावली के 16वें वंशप्रतापाचार्य, परम पूज्य पंथश्री हुजूर उदितमुनि नाम साहेब के विधिवत “चादर तिलक” समारोह को लेकर कबीरपंथी समाज में विशेष उत्साह और श्रद्धा का वातावरण है। यह भव्य धार्मिक आयोजन 23 जनवरी 2026 को श्री सदगुरु कबीर धर्मनगर, दामाखेड़ा (जिला बलौदाबाजार-भाटापारा, छत्तीसगढ़) में संपन्न होगा, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों सहित विदेशों से भी बड़ी संख्या में अनुयायी शामिल होंगे।
इस ऐतिहासिक अवसर को ध्यान में रखते हुए कबीरपंथी समाज, जिला राजनांदगांव के प्रतिनिधिमंडल द्वारा छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को पत्र प्रेषित कर सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ में 23 जनवरी 2026 को मदिरा तथा मांस-मटन की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया गया है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि कबीरपंथ अहिंसा, सदाचार, संयम और मानवता के मूल्यों का संदेश देता है। ऐसे में इस पावन धार्मिक समारोह के दिन जनभावनाओं और आस्था का सम्मान करते हुए प्रतिबंध लगाया जाना समाज में सौहार्द, अनुशासन और आध्यात्मिक वातावरण को और सुदृढ़ करेगा।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने जनआस्था को दृष्टिगत रखते हुए इस विषय पर उचित कार्यवाही हेतु संबंधित विभागों को निर्देशित करने का आग्रह किया है। कबीरपंथी समाज को विश्वास है कि राज्य सरकार आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता के इस महत्वपूर्ण अवसर पर सकारात्मक निर्णय लेगी।
यह आयोजन न केवल कबीरपंथ के अनुयायियों के लिए, बल्कि छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सशक्त करने वाला माना जा रहा है।