बिना सिर के शव के सनसनीखेज अंधेकत्ल मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए रिश्तों को शर्मसार करने वाली खौफनाक सच्चाई उजागर की है। मृतक की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी पत्नी ने अपने मामा और दो सुपारी किलरों के साथ मिलकर करवाई। पहचान छुपाने के लिए युवक का सिर धड़ से अलग कर दिया गया, धड़ रेलवे लाइन में फेंका गया और सिर को गांव में गड्ढा खोदकर दफना दिया गया।
11 जनवरी 2026 की सुबह ग्राम मजगांव के पास हथबंद–भाटापारा रेलवे लाइन पर मिले बिना सिर के शव ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती शव की पहचान थी, लेकिन कलाई पर बने टैटू, कपड़ों, तकनीकी विश्लेषण और साइबर जांच के जरिए पुलिस ने मृतक की पहचान गैस कुमार जोशी (39 वर्ष) निवासी भोथीडीह, जिला बेमेतरा के रूप में की।
जांच आगे बढ़ते ही मामला रिश्तों की साजिश में बदल गया। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि मृतक की पत्नी कुसुम जोशी लंबे समय से पति से विवाद, मारपीट और प्रताड़ना से परेशान थी। इसी रंजिश में उसने अपने मामा राजेश भारती के साथ मिलकर दो पेशेवर सुपारी किलरों दारासिंह अनंत और करन अनंत को ₹40,000 में हत्या की सुपारी दी।
पार्टी के बहाने बुलाया, शराब पिलाई, फिर तलवार से काटा सिर
घटना वाले दिन कुसुम ने पति को पार्टी के बहाने ग्राम दरचुरा बुलाया। वहां पहले से मौजूद दोनों सुपारी किलरों के साथ मिलकर गैस कुमार को जमकर शराब पिलाई गई। नशे की हालत में मारपीट कर उसे बेहोश किया गया, फिर कार से ग्राम मजगांव रेलवे लाइन ले जाकर धारदार तलवार से गला काट दिया गया। धड़ रेलवे लाइन में फेंक दिया गया और सिर ग्राम डिग्गी में दफना दिया गया।
पुलिस ने मामले में पत्नी, मामा और दोनों सुपारी किलरों समेत कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त कार, तलवार, मोबाइल और अन्य अहम साक्ष्य जब्त किए गए हैं। इस अंधेकत्ल का पर्दाफाश करने वाली टीम को पुलिस अधीक्षक द्वारा ₹5000 इनाम देने की घोषणा की गई है।
यह मामला न सिर्फ एक जघन्य हत्या की कहानी है, बल्कि यह भी दिखाता है कि जब रिश्ते ही हथियार बन जाएं, तो साजिश कितनी निर्मम हो सकती है।