छत्तीसगढ़ सरकार ने धान खरीदी जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही बरतने पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिले के खाद्य अधिकारी हुलेश डडसेना को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में हड़कंप मच गया है।
राज्य शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, हुलेश डडसेना पर धान खरीदी केंद्रों में अव्यवस्था, नियमित निरीक्षण नहीं करने और मिलरों द्वारा धान उठाव की प्रभावी निगरानी में गंभीर कोताही बरतने के आरोप हैं। शासन ने स्पष्ट किया है कि यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का सीधा उल्लंघन है।
File No. ESTB-1/342/2026-FOOD के तहत जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि उक्त लापरवाही के चलते छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम-1966 के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई करते हुए निलंबन का निर्णय लिया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान हुलेश डडसेना का मुख्यालय संचालनालय, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर नियत किया गया है। साथ ही आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निलंबन काल में उन्हें नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही देय होगा।
यह आदेश 21 जनवरी 2026 को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से उप सचिव भागवत जायसवाल द्वारा जारी किया गया है। सरकार की इस सख्त कार्रवाई को धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा संदेश माना जा रहा है।
राज्य शासन ने साफ संकेत दे दिए हैं कि किसानों से जुड़ी धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनदेखी या उदासीनता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और दोषियों के खिलाफ इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।