जिले के चिल्की थाना क्षेत्र में मवेशी तस्करी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्राम साल्हेवारा के पास जंगल मार्ग पर तीन तस्कर 6 भैंसों को लाठी-डंडों से मारते-पीटते, भूखा-प्यासा पैदल हांकते हुए ले जा रहे थे।
दिनांक 05 फरवरी 2026 की सुबह करीब 8 बजे ग्रामीण जगदम्विका साहू ने मवेशियों के साथ हो रही क्रूरता देख शोर मचाया। मौके पर एक आरोपी को पकड़ लिया गया, जबकि दो तस्कर जंगल की ओर भाग निकले।
पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम सुपेन्दर धुर्वे (35 वर्ष) निवासी मालूमझोला, थाना बिरसा, जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश) बताया। फरार आरोपियों की पहचान तुलसी मसराम एवं महेत्तर धुर्वे के रूप में हुई है। तीनों तस्कर बोड़ला क्षेत्र से भैंसों को भोरमदेव–यूथापानी–साल्हेवारा मार्ग होते हुए नागपुर ले जाने की फिराक में थे।
मवेशियों को एक स्थान पर सुरक्षित बांध दिया गया है। थाना चिल्की में आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 तथा पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत अपराध क्रमांक 0005/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।