लालपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मनोहरपुर से लापता हुए सेवानिवृत्त लेखापाल दामोदर राजपूत की हत्या का सनसनीखेज खुलासा मुंगेली पुलिस ने कर दिया है। संपत्ति हड़पने की साजिश में सगे भाई ने ही 10 लाख रुपये और 50 डिसमिल जमीन की सुपारी देकर हत्या करवाई। इस मामले में 11 आरोपियों सहित 4 विधि से संघर्षरत बालकों को गिरफ्तार किया गया है।
21 मार्च 2026 को दामोदर राजपूत घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। उनकी मोटरसाइकिल मनोहरपुर राइस मिल मार्ग पर लावारिस मिली। जांच के दौरान पुलिस ने जिलेभर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। “त्रिनयन एप” के जरिए रूट चार्ट तैयार कर एक संदिग्ध स्लेटी रंग की हुंडई ईऑन कार (CG 10 AC 8986) की पहचान की गई, जो मृतक का पीछा करते दिखी।
कार किराये पर लेने वाले संजय यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो पूरी साजिश का खुलासा हुआ। आरोपियों ने सुनसान रास्ते में दामोदर राजपूत का गमछे से गला घोंटकर हत्या की और शव को कार में भरकर कवर्धा जिले के पंडरिया थाना क्षेत्र के देवसरा जंगल में रेत के नीचे दफना दिया। पुलिस ने उत्खनन कर शव बरामद किया।
जांच में सामने आया कि मृतक के भाई रणजीत राजपूत और चचेरे भाई रामपाल सिंह ने संपत्ति अपने नाम कराने के लिए फर्जी नोटरी वचनपत्र तक तैयार कराया था। योजना के तहत हत्या के बाद मृतक का मोबाइल प्रयागराज ले जाकर गंगा में फेंक दिया गया, ताकि मामला साधु बनने की अफवाह में उलझ जाए।



