कवर्धा। कभी भय और अनिश्चितता के साए में जीने वाला कबीरधाम जिला आज आत्मविश्वास और विकास की नई रोशनी से जगमगा रहा है। 6 सफल मुठभेड़ों और 13 नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद जिला नक्सल प्रभाव से मुक्त घोषित किया गया है। यह उपलब्धि सुरक्षा बलों की कार्रवाई का परिणाम के साथ साथ कुशल, मजबूत, राजनीतिक इच्छाशक्ति और सशक्त नेतृत्व का भी प्रमाण है।
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा की रणनीतिक सोच और स्पष्ट नीति ने इस अभियान को निर्णायक दिशा दी। उन्होंने शुरुआत से ही स्पष्ट किया था कि “सुरक्षा और विकास साथ-साथ चलेंगे।” इसी दृष्टिकोण के तहत सुरक्षा बलों को आधुनिक संसाधन, खुफिया तंत्र को मजबूती और जमीनी स्तर पर समन्वय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
बीते वर्षों में सुरक्षा एजेंसियों ने घने जंगलों और सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाए। 6 अलग-अलग मुठभेड़ों में नक्सली ठिकानों को ध्वस्त किया गया। वहीं 13 नक्सलियों ने शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया। आत्मसमर्पण करने वालों को शासन की योजनाओं से जोड़ते हुए रोजगार, कौशल प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे वे सम्मानजनक जीवन की ओर कदम बढ़ा सकें।
गृह मंत्री विजय शर्मा ने न केवल सुरक्षा मोर्चे पर सख्ती दिखाई, बल्कि संवाद और विश्वास बहाली की नीति को भी समान महत्व दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार दौरे, जनसंवाद और स्थानीय प्रशासन के साथ समीक्षा बैठकों ने जमीनी हकीकत को समझने और त्वरित निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में सुरक्षा बलों का मनोबल भी बढ़ा, जिसका सकारात्मक असर अभियानों की सफलता में दिखाई दिया।
नक्सल प्रभाव समाप्त होने के साथ ही अब विकास कार्यों को नई गति मिली है। जिन इलाकों में पहले सड़क निर्माण या अन्य परियोजनाएं सुरक्षा कारणों से प्रभावित थीं, वहां अब तेजी से अधोसंरचना का विस्तार हो रहा है। सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम और रोजगारपरक योजनाएं शुरू की गई हैं, ताकि वे भटकाव से दूर रहकर अपने भविष्य का निर्माण कर सकें।
जिले में अब शांति स्थापित होने से निवेश और पर्यटन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध कबीरधाम अब भयमुक्त वातावरण में अपनी नई पहचान गढ़ने को तैयार है। स्थानीय व्यापार और कृषि गतिविधियों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सतर्कता में कोई कमी नहीं बरती जाएगी। सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और खुफिया तंत्र सक्रिय रहेगा, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की गतिविधि को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जा सके।
कुल मिलाकर, कबीरधाम की यह उपलब्धि केवल एक प्रशासनिक सफलता साथ साथ दृढ़ नेतृत्व, समन्वित रणनीति और जनसहभागिता का परिणाम है। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में जिले ने भय की छाया से बाहर निकलकर विकास और विश्वास की नई राह पकड़ी है। यह बदलाव न केवल कबीरधाम के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक सकारात्मक संदेश लेकर आया है।